
हल्द्वानी: हल्द्वानी में किसान सुखवंत सिंह आत्महत्या प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। आईजी एसटीएफ डॉ. नीलेश आनंद भरणे के नेतृत्व में पांच सदस्यीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया है। यह टीम आत्महत्या से पहले बनाए गए वीडियो और ई-मेल के जरिए की गई शिकायतों की विस्तृत जांच करेगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब तक जांच के दायरे में आए सभी 12 पुलिसकर्मियों को गढ़वाल रेंज के चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों में स्थानांतरित कर दिया गया है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
ऊधमसिंह नगर जिले के ग्राम पैगा, थाना आईटीआई क्षेत्र निवासी किसान सुखवंत सिंह ने 10 और 11 जनवरी की दरम्यानी रात हल्द्वानी के एक होटल में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या से पहले उन्होंने एक वीडियो फेसबुक पर साझा किया था, जिसमें स्थानीय आईटीआई थाना पुलिस पर करोड़ों रुपये की कथित ठगी के मामले में कार्रवाई न करने के आरोप लगाए थे। इसके साथ ही उन्होंने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा था, जिससे मामला और गंभीर हो गया।
आधिकारिक जानकारी
इस प्रकरण में मुख्यमंत्री के निर्देश पर मजिस्ट्रेटी जांच पहले ही शुरू की जा चुकी है। साथ ही पुलिस स्तर पर आईजी कुमाऊं को भी जांच के निर्देश दिए गए थे। प्रारंभिक कार्रवाई के तहत आईटीआई थाना प्रभारी कुंदन सिंह रौतेला सहित तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया, जबकि नौ अन्य पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया था। पुलिस प्रवक्ता सुनील कुमार मीणा ने बताया कि अब मामले की गहराई से जांच के लिए उच्चस्तरीय एसआईटी गठित की गई है।
एसआईटी का गठन और भूमिका
पुलिस के अनुसार एसआईटी में एसपी चंपावत अजय गणपति, सीओ टनकपुर वंदना शर्मा, चंपावत के इंस्पेक्टर दीवान सिंह बिष्ट और एसआई मनीष खत्री को सदस्य बनाया गया है। टीम सुखवंत सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों, वीडियो में किए गए दावों और ई-मेल के माध्यम से भेजी गई शिकायतों की जांच करेगी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि किसान की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं और मामले की निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है।
कुछ ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने भी मांग की है कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही या दोष सामने आता है तो कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
आंकड़े / तथ्य
घटना 10–11 जनवरी की दरम्यानी रात की है। प्रकरण में 12 पुलिसकर्मियों को जांच से अलग करते हुए अन्य जिलों में स्थानांतरित किया गया है। एसआईटी में कुल पांच अधिकारी शामिल हैं।
आगे क्या होगा
एसआईटी सुखवंत सिंह के वीडियो, सुसाइड नोट और ई-मेल के जरिए की गई शिकायतों की जांच के बाद अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों और पुलिसकर्मियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही मजिस्ट्रेटी जांच के निष्कर्ष भी आगे की कार्रवाई तय करेंगे।







