
चमोली: गैरसैंण नगर पंचायत क्षेत्र के वार्ड संख्या 6 धुनारघाट के पास रविवार दोपहर एक इको वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। वाहन में बारातियों सहित कुल आठ लोग सवार थे, जो हादसे में घायल हो गए। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से सभी को रेस्क्यू कर उपजिला अस्पताल गैरसैंण पहुंचाया गया, जहां दो गंभीर घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर श्रीनगर रेफर किया गया।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क हादसे लगातार चिंता का विषय बने हुए हैं। संकरी सड़कों, ओवर स्पीड, वाहन चालकों की लापरवाही और कई स्थानों पर खराब सड़क स्थिति के कारण दुर्घटनाएँ रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। कई बार पुलिस और प्रशासन जागरूकता अभियान चलाते हैं, लेकिन हादसों की संख्या में कमी नहीं आ पा रही है।
कैसे हुआ हादसा
रविवार दोपहर धुनारघाट क्षेत्र में एक बस और इको वाहन पास ले रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस के पिछले हिस्से से हल्की टक्कर लगते ही बारातियों से भरी इको वाहन अनियंत्रित होकर सड़क से करीब 30 मीटर नीचे जा गिरी। वाहन में चालक सहित कुल आठ लोग सवार थे, जो सभी हादसे में घायल हो गए।
स्थानीय लोगों, पुलिस और 108 एंबुलेंस टीम ने तत्काल रेस्क्यू अभियान चलाया। घायलों को खाई से निकालकर सड़क तक लाया गया और तत्परता से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गैरसैंण भेजा गया।
अस्पताल में उपचार
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अर्जुन रावत ने बताया कि प्राथमिक उपचार के बाद चालक सहित छह घायलों की हालत स्थिर पाई गई और उन्हें घर भेज दिया गया। वहीं, गंभीर रूप से घायल दो बारातियों — पूजा और कविता — को बेहतर उपचार के लिए हायर सेंटर श्रीनगर रेफर किया गया है।
पुलिस की जानकारी
कोतवाली गैरसैंण के एसआई सुमित बंदूनी ने बताया कि इको वाहन नोगांव (पंचाली) से फर्कण्डे गांव की बारात में जा रहा था। धुनारघाट के पास बस से साइड लेते समय वाहन अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। सभी घायलों को रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचा दिया गया है। उन्होंने बताया कि आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
घटना के बाद स्थानीय निवासी एक बार फिर सड़क सुरक्षा पर सवाल उठा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पहाड़ी सड़कों पर लगातार हादसों के बावजूद सुरक्षा की स्थायी व्यवस्था नहीं की जा रही है। उन्होंने प्रशासन से सड़क चौड़ीकरण, साइनबोर्ड, स्पीड कंट्रोल और बार-बार निरीक्षण जैसी व्यवस्थाओं को मजबूत करने की मांग की।





