
उत्तरकाशी / चमोली: बीते मंगलवार देर रात उत्तरकाशी और चमोली जनपद के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी दर्ज की गई। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के साथ हर्षिल घाटी, खरसाली, मोरी और औली सहित कई इलाकों में पहाड़ बर्फ की मोटी चादर से ढक गए। साल की दूसरी बर्फबारी के चलते तापमान में तेज गिरावट आई और जनजीवन प्रभावित हुआ। बर्फ जमा होने से गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे सहित कई प्रमुख मार्ग घंटों बंद रहे, जिन्हें खोलने में संबंधित विभागों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। यह स्थिति न केवल स्थानीय लोगों बल्कि यात्रियों और पर्यटन गतिविधियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
मंगलवार शाम से ही गंगोत्री और यमुनोत्री धाम क्षेत्रों में बर्फबारी शुरू हो गई थी। देर रात तक यह सिलसिला तेज होता गया और जनपद के लगभग सभी ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ जम गई। निचले क्षेत्रों में बारिश के कारण ठंड और अधिक बढ़ गई, जिससे सामान्य जनजीवन पर असर पड़ा।
यात्रा और जनजीवन पर असर
गंगोत्री और यमुनोत्री जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुंचने वाले मार्गों का बंद होना तीर्थ यात्रियों, स्थानीय व्यापार और पर्यटन गतिविधियों को सीधे प्रभावित करता है। इसके अलावा, लंबे समय तक मार्ग बंद रहने से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और आपात सेवाओं में भी बाधा उत्पन्न हो सकती है।
पहले भी हो चुकी है ऐसी स्थिति
बीते सप्ताह शुक्रवार को हुई बर्फबारी के बाद से ही धराली, गंगोत्री और मोरी क्षेत्र के लगभग दस गांवों में बिजली आपूर्ति अब तक पूरी तरह बहाल नहीं हो पाई है। इससे ग्रामीणों को ठंड के बीच अतिरिक्त कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
आधिकारिक जानकारी
बर्फबारी के कारण गंगोत्री हाईवे सुक्की के पास तथा यमुनोत्री हाईवे रानाचट्टी, फूलचट्टी और राड़ी टॉप क्षेत्र में बंद हो गया था। उत्तरकाशी-लंबगांव मोटर मार्ग पर भी यातायात ठप रहा।
गंगोत्री हाईवे को सीमा सड़क संगठन की ओर से लगभग छह घंटे की मशक्कत के बाद खोला गया। वहीं यमुनोत्री हाईवे को बहाल करने में राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग और संबंधित एजेंसी को करीब चार से पांच घंटे का समय लगा। उत्तरकाशी-लंबगांव मार्ग भी चार घंटे बाद सुचारू किया गया।
हालांकि, गंगोत्री हाईवे पर हर्षिल से आगे कुछ हिस्सों में अब भी आवाजाही मुश्किल बनी हुई है। अधिकारियों ने इस पर फिलहाल कोई विस्तृत बयान नहीं दिया और टिप्पणी करने से बचते दिखे।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि अचानक हुई भारी बर्फबारी से रोजमर्रा की आवाजाही प्रभावित हुई है। हर्षिल घाटी के एक ग्रामीण ने बताया कि “बिजली और सड़क दोनों बाधित होने से दिक्कतें बढ़ गई हैं, हालांकि बर्फबारी से पहाड़ों की सुंदरता भी देखने लायक हो गई है।”
आंकड़े / डेटा
गंगोत्री हाईवे खोलने में लगभग 6 घंटे लगे।
यमुनोत्री हाईवे बहाल करने में 4–5 घंटे का समय लगा।
औली में 2 से 3 फीट तक बर्फ जम चुकी है।
बदरीनाथ धाम क्षेत्र में 3 फीट से अधिक बर्फ दर्ज की गई है।
आगे क्या होगा
प्रशासन की ओर से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है। मौसम साफ रहने पर शेष मार्गों को भी पूरी तरह खोलने का प्रयास किया जाएगा। बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए भी संबंधित विभागों की टीमें प्रभावित गांवों में काम कर रही हैं।







