
उत्तरकाशी। सामरिक और चारधाम यात्रा के लिहाज से महत्वपूर्ण गंगोत्री हाईवे के चौड़ीकरण प्रोजेक्ट में बड़ा बदलाव किया गया है। अब यह सड़क 12 मीटर के बजाय 11 मीटर चौड़ी बनेगी। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने धराली क्षेत्र में हाल में हुई आपदा के बाद यह निर्णय लिया है। बीआरओ ने बताया कि सड़क की मजबूती के लिए नदी की ओर से पुस्ता लगाकर निर्माण कार्य किया जाएगा।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
गंगोत्री हाईवे उत्तराखंड की सबसे महत्वपूर्ण सड़कों में से एक है, जो चारधाम यात्रा और सामरिक दृष्टि से अहम भूमिका निभाती है। यह सड़क उत्तरकाशी मुख्यालय के चुंगी बड़ेथी ओपन टनल से भैरोंघाटी तक लगभग 90 किलोमीटर लंबाई में फैली है। इस मार्ग का चौड़ीकरण पांच चरणों में प्रस्तावित है।
पहले प्रस्ताव के अनुसार, हाईवे को 12 मीटर चौड़ा किया जाना था। लेकिन धराली में आई आपदा और लगातार बढ़ रहे भूस्खलन जोखिम को देखते हुए चौड़ाई अब 11 मीटर कर दी गई है।
आधिकारिक जानकारी
बीआरओ (सीमा सड़क संगठन) के कमांडर राजकिशोर ने बताया कि,
“केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव और बीआरओ के डीजी सहित वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में निर्णय लिया गया है कि गंगोत्री हाईवे की चौड़ाई एक मीटर घटाई जाएगी। इसका उद्देश्य भूस्खलन जोन को कम करना और निर्माण को सुरक्षित बनाना है।”
उन्होंने बताया कि परियोजना में अब नदी की ओर से सुरक्षा दीवार (पुस्ता) बनाकर सड़क का निर्माण किया जाएगा, ताकि सड़क की स्थिरता बनी रहे और प्राकृतिक आपदाओं से बचाव हो सके।
तकनीकी समीक्षा और बदलाव
पांच चरणों में प्रस्तावित इस प्रोजेक्ट के पहले चरण में भैरोंघाटी से झाला, दूसरे में हीना से तेखला बाईपास निर्माण, और पांचवें चरण में तेखला से चुंगीबड़ेथी टनल तक के हिस्से की समीक्षा की जा रही है। बीआरओ अधिकारियों के अनुसार, अब इन चरणों की डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) और एलाइमेंट में भी संशोधन किया जाएगा ताकि कटिंग कम की जा सके और नए भूस्खलन क्षेत्र न बनें।
स्थानीय दृष्टिकोण और प्रभाव
स्थानीय नागरिकों और यात्रियों का मानना है कि गंगोत्री हाईवे का चौड़ीकरण यात्रा की सुगमता के लिए आवश्यक है, लेकिन निर्माण कार्य में पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है। धराली, झाला और हर्षिल के पास कई बार भूस्खलन की घटनाएं हो चुकी हैं, जिनसे मार्ग अवरुद्ध होता रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि नियंत्रित चौड़ीकरण से सड़क सुरक्षा बढ़ेगी और जोखिम कम होगा।
आगे क्या होगा
बीआरओ की इंजीनियरिंग टीम अब संशोधित डीपीआर तैयार करने में जुटी है। मंत्रालय द्वारा मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य दोबारा तेज गति से शुरू किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि चौड़ीकरण के साथ सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि चारधाम यात्रा मार्ग भविष्य में अधिक स्थिर और टिकाऊ बन सके।






