
देहरादून: उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि कई निजी अस्पतालों ने आयुष्मान और गोल्डन कार्ड धारकों का मुफ्त इलाज बंद कर दिया है। उनका कहना है कि सरकार द्वारा लंबित भुगतान न किए जाने के कारण स्थिति और भी गंभीर होती जा रही है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
राज्य में आयुष्मान भारत और गोल्डन कार्ड योजनाओं के तहत गरीब और मध्यम वर्ग के लाखों लोगों को कैशलेस इलाज मिलता है। हालांकि हाल के दिनों में कई अस्पतालों द्वारा भुगतान विलंब की शिकायतें उठती रही हैं। इस मुद्दे को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर निशाना साधता रहा है।
गणेश गोदियाल के आरोप
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि उत्तराखंड की स्वास्थ्य सेवाएँ पहले ही संकट में थीं, और अब भुगतान रुकने से हालात और भी खराब हो गए हैं।
उन्होंने दावा किया कि सरकार ने निजी अस्पतालों का “लाखों-करोड़ों रुपये” का भुगतान समय पर नहीं किया, जिसके चलते कई अस्पताल आयुष्मान और गोल्डन कार्ड धारकों को मुफ्त उपचार देने से पीछे हट रहे हैं।
गोदियाल ने कहा कि इससे जरूरतमंद मरीज इलाज के अभाव में गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं और सरकार के दावे खोखले साबित हो रहे हैं।
स्थानीय प्रतिक्रिया
देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में मरीजों व परिवारों ने भी बताया कि कई अस्पताल कैशलेस इलाज देने से मना कर रहे हैं। कुछ लोगों ने कहा कि उन्हें अपनी बचत से उपचार कराना पड़ा, जबकि कार्ड होने के बावजूद राहत नहीं मिली। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सरकार से जल्द हस्तक्षेप की मांग की है ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।
सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग
गणेश गोदियाल ने कहा कि सरकार को प्राइवेट अस्पतालों का लंबित भुगतान तुरंत जारी करना चाहिए, ताकि योजना का लाभ बाधित न हो।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएँ किसी भी राज्य की रीढ़ होती हैं और इस तरह की स्थिति जनता के लिए अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
प्रशासन की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
आगे क्या?
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार भुगतान और दावा निस्तारण की प्रक्रिया जारी है, लेकिन अस्पतालों का कहना है कि पुराने बिलों के निपटारे में देरी हो रही है। राज्य में स्वास्थ्य योजनाओं की प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए आगामी दिनों में विभाग समीक्षा बैठक कर सकता है।







