
देहरादून स्थित राजकीय दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय में रैगिंग के एक गंभीर मामले पर कॉलेज प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जूनियर छात्र के साथ मारपीट के आरोप में दो सीनियर छात्रों को हॉस्टल से निष्कासित कर दिया गया है। मामले की जांच एंटी रैगिंग कमेटी द्वारा की जा रही है। कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि जांच पूरी होने तक दोनों छात्र हॉस्टल के बाहर रहेंगे और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। यह कदम परिसर में अनुशासन और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
जानकारी के अनुसार 13 जनवरी की शाम एमबीबीएस वर्ष 2023 और 2024 बैच के कुछ सीनियर छात्रों ने एक जूनियर छात्र के साथ कथित तौर पर मारपीट की। इस घटना में जूनियर को गंभीर चोटें आईं। पीड़ित छात्र ने वार्डन से शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद मामला सीनियर और जूनियर छात्रों के बीच होने के कारण एंटी रैगिंग कमेटी को सौंप दिया गया।
आधिकारिक जानकारी
कॉलेज प्रशासन ने प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए दो सीनियर छात्रों को हॉस्टल से निष्कासित कर दिया है। चीफ वार्डन डॉ. राजीव कुशवाहा के अनुसार जांच पूरी होने तक छात्र हॉस्टल के बाहर रहेंगे। एंटी रैगिंग कमेटी 15 जनवरी से मामले की विस्तृत जांच कर रही है और संबंधित छात्रों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
कॉलेज परिसर में छात्रों का कहना है कि रैगिंग जैसे मामलों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है, ताकि नए छात्रों में भय का माहौल न बने। कई छात्रों ने प्रशासन के त्वरित कदम को सकारात्मक बताया और निष्पक्ष जांच की उम्मीद जताई।
आज सौंप सकती है फाइनल रिपोर्ट
सूत्रों के अनुसार एंटी रैगिंग कमेटी सोमवार को अपनी जांच रिपोर्ट कॉलेज प्रबंधन को सौंप सकती है। बीते चार दिनों में मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की गई है। रिपोर्ट में यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषी छात्रों के खिलाफ और कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
आगे क्या होगा
प्राचार्य डॉ. गीता जैन ने बताया कि एंटी रैगिंग कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा। कॉलेज प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि छात्रों की सुरक्षा और अनुशासन से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।







