
देहरादून: डालनवाला क्षेत्र स्थित दून इंटरनेशनल स्कूल के सामने छात्रा के अपहरण की खबरों को देहरादून पुलिस ने भ्रामक और अफवाह बताया है। सोशल मीडिया और कुछ माध्यमों पर इस घटना को लेकर फैली खबरों से अभिभावकों और छात्रों में डर का माहौल बन गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच कराई, जिसमें सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्ष पूछताछ के बाद अपहरण की किसी भी कोशिश की पुष्टि नहीं हुई।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
सोशल मीडिया पर यह अफवाह फैलाई गई कि स्कूल की छुट्टी के बाद 11वीं कक्षा की एक छात्रा को स्कूल परिसर से कुछ दूरी पर खड़ी वैन के पास बुर्काधारी लोगों ने अगवा करने की कोशिश की। खबर वायरल होते ही बड़ी संख्या में अभिभावकों ने पुलिस कंट्रोल रूम में फोन कर चिंता जताई, जिससे पुलिस महकमे में भी हलचल मच गई।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
मामला संज्ञान में आने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह के निर्देश पर एसडीएम, सीओ सिटी, पुलिस और जिला सूचना अधिकारी की संयुक्त टीम गठित की गई।
टीम ने स्कूल पहुंचकर सीसीटीवी फुटेज की जांच की, जिसमें एक छात्रा एक महिला से बातचीत करती हुई दिखाई दी। पूछताछ में छात्रा ने बताया कि महिला ने स्कूल में पढ़ाई और फीस से जुड़ी सामान्य जानकारी पूछी थी।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि जिस महिला पर अपहरण का आरोप लगाया गया, वह अपने पति और बच्चे के साथ पास स्थित गांधी शताब्दी अस्पताल में इलाज कराने आई थी। पुलिस ने दंपती के अस्पताल से जुड़े दस्तावेज और डॉक्टर से भी तथ्यात्मक पुष्टि की है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
घटना के बाद स्कूल में बच्चों और अभिभावकों के बीच भय का माहौल बन गया था। बाद में पुलिस की जांच और स्कूल स्तर पर हुई काउंसिलिंग के बाद स्थिति सामान्य हुई। कई अभिभावकों का कहना है कि बिना पुष्टि के ऐसी खबरें फैलने से अनावश्यक डर और भ्रम पैदा होता है।
आगे क्या होगा
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर फैली अपुष्ट सूचनाओं पर भरोसा न करें और किसी भी संदिग्ध सूचना की पुष्टि पुलिस या प्रशासन से करें। वहीं, जिस महिला को लेकर अफवाह फैलाई गई थी, उसने भी गलत सूचना फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।
Rishikesh News आगे भी इस मामले की अपडेट देता रहेगा।
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