
देहरादून/थानों: ग्रामीण क्षेत्र थानों में अवैध प्लाटिंग के लिए हरे आम के पेड़ों को काटने का मामला सामने आया है। आरोप है कि करीब 8 से 10 पेड़ों को जेसीबी मशीन की मदद से जड़ समेत उखाड़कर ठूंठ तक को मिटाने की कोशिश की गई। घटना ने स्थानीय लोगों में गुस्सा पैदा कर दिया है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
डोईवाला क्षेत्र का थानों गांव तेजी से विकसित हो रहा है और कई स्थानों पर अवैध प्लाटिंग को लेकर शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में हरियाली को नुकसान पहुंचाकर जमीन को प्लॉटिंग योग्य बनाया जा रहा है, जिससे ग्रामीण पर्यावरण और कृषि दोनों पर खतरा मंडरा रहा है।
अधिकारीक जानकारी
घटना उद्यान विभाग के कार्यालय से थोड़ी दूरी पर स्थित एक बगीचे की है, जहां आम के कई स्वस्थ और हरे पेड़ खड़े थे। ग्रामीणों ने बताया कि रात या सुबह के समय जेसीबी मशीन भेजकर पेड़ों को काटा गया और जड़ों सहित ठूंठ को भी हटाने की कोशिश की गई, ताकि कटाई का निशान न बचे।
मामले के तूल पकड़ने पर पेड़ों की टहनियों को छिपाने की भी कोशिश की गई, जिससे कटान के साक्ष्य मिटाए जा सकें। ग्रामीणों का दावा है कि पेड़ों की कटाई बिना किसी अनुमति के की गई है और इस पूरे प्रकरण के पीछे अवैध प्लाटिंग की तैयारी है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
ग्रामीणों ने पेड़ कटाई को पर्यावरण के साथ गंभीर खिलवाड़ बताया। उनका कहना है कि हरे पेड़ों को इस तरह काटना न केवल वन संरक्षण कानूनों का उल्लंघन है, बल्कि क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और जलवायु संतुलन के लिए भी खतरा है।
स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया कि जब पेड़ों की कटाई कई दिनों से चल रही थी, तब विभाग की ओर से कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस पर रोक नहीं लगी, तो क्षेत्र में हरियाली पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।
आगे की स्थिति
उधर, ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन इस मामले में जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई करे। अधिकारियों से अपेक्षा है कि अवैध प्लाटिंग और पेड़ कटान जैसी गतिविधियों पर तुरंत रोक लगाई जाए और पर्यावरण संरक्षण नियमों को सख्ती से लागू किया जाए।
प्रशासन ने प्रारंभिक तौर पर मामले की जानकारी लेने की बात कही है और कहा कि शिकायत मिलने पर कानूनी कार्रवाई जरूर की जाएगी।






