
डोईवाला क्षेत्र में जॉलीग्रांट–ऋषिकेश मार्ग पर देर शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक हाथी अचानक बीच सड़क पर आ गया। हाथी को देखकर आवागमन कर रहे वाहन चालकों ने अपने वाहन पीछे हटाए और दूरी बनाकर खड़े हो गए। कुछ देर तक हाथी तेज गति से सड़क पर चलता रहा और फिर जंगल की ओर चला गया। गनीमत यह रही कि किसी वाहन पर हमला नहीं हुआ, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। यह घटना हाथी कॉरिडोर में अतिक्रमण और वन्यजीव–मानव संघर्ष के बढ़ते खतरे की ओर इशारा करती है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
रानीपोखरी पुल के समीप और देहरादून एयरपोर्ट मार्ग के पास हाथी कॉरिडोर क्षेत्र पड़ता है। यह इलाका बड़कोट और थानो वन रेंज से जुड़ा हुआ है, जहां से हाथी पारंपरिक रूप से जंगल के एक हिस्से से दूसरे हिस्से में जाते रहे हैं। हाल के वर्षों में अतिक्रमण और यातायात दबाव बढ़ने से इन पारंपरिक मार्गों में बाधा उत्पन्न हुई है।
क्या हुआ डोईवाला में
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, देर शाम हाथी अचानक सड़क पर आ गया। वाहन चालकों ने सतर्कता दिखाते हुए अपने वाहनों को दूर रखा। हाथी कुछ दूरी तक सड़क के बीचोबीच चलता रहा और फिर जंगल की ओर लौट गया। किसी प्रकार की जनहानि या वाहन क्षति नहीं हुई।
हाथी कॉरिडोर पर असर
स्थानीय लोगों का कहना है कि अतिक्रमण के कारण हाथी अब सीधे अपने पुराने मार्गों से सड़क पार नहीं कर पा रहे हैं। परिणामस्वरूप उन्हें वैकल्पिक रास्तों से गुजरना पड़ रहा है, जिससे वे लंबे हिस्से तक सड़क पर चलते दिखाई देते हैं और खतरा बढ़ जाता है।
आधिकारिक जानकारी
अधिकारी संपर्क में नहीं आए। हालांकि वन विभाग से जुड़े सूत्रों के अनुसार यह इलाका संवेदनशील है और पूर्व में भी हाथियों की आवाजाही दर्ज की गई है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते हाथी कॉरिडोर को अतिक्रमण मुक्त नहीं किया गया, तो हाथी कभी भी आक्रामक हो सकते हैं।
व्यापारियों और वाहन चालकों ने बताया कि पहले भी हाथियों द्वारा वाहनों पर हमला करने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, इसके बावजूद ठोस इंतजाम नजर नहीं आते।
आंकड़े / तथ्य
यह क्षेत्र हाथी कॉरिडोर का हिस्सा है।
पूर्व में इसी मार्ग पर हाथियों की आवाजाही और हमले की घटनाएं दर्ज हो चुकी हैं।
आगे क्या होगा
स्थानीय प्रशासन और वन विभाग से मांग की जा रही है कि हाथी कॉरिडोर को स्पष्ट रूप से चिन्हित कर अतिक्रमण हटाया जाए और चेतावनी संकेतक लगाए जाएं। विशेषज्ञों का मानना है कि कॉरिडोर बहाली और ट्रैफिक मैनेजमेंट से ही भविष्य में बड़े हादसों को रोका जा सकता है।






