
धर्म डेस्क: हिंदू परंपरा में देवउठनी एकादशी का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु चार महीने की योगनिद्रा से जागते हैं, जिसके साथ ही सृष्टि का संचालन पुनः आरंभ होता है। चार महीने से रुके हुए सभी शुभ और मांगलिक कार्य, जैसे — विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन और यज्ञोपवीत संस्कार — फिर से प्रारंभ हो जाते हैं।
इस वर्ष देवउठनी एकादशी 1 नवंबर 2025 (शनिवार) को मनाई जाएगी। इस पावन दिन के साथ ही मंदिरों में भगवान विष्णु के जागरण की पूजा, तुलसी विवाह और विवाह सीजन की शुरुआत भी होगी।
चातुर्मास के समापन के साथ लौटे शुभ अवसर
पौराणिक मान्यता के अनुसार चातुर्मास काल में सभी शुभ कार्यों पर रोक रहती है। यह अवधि आषाढ़ शुक्ल एकादशी से शुरू होकर लगभग चार माह (142 दिन) तक चलती है। जब देवउठनी एकादशी आती है, तो यह प्रतिबंध समाप्त होता है और शुभ कार्यों की पुनः शुरुआत होती है। इसी कारण इसे देवप्रबोधिनी एकादशी भी कहा जाता है।
नवंबर में बजेंगी शहनाइयाँ — जानें विवाह के शुभ मुहूर्त
देवउठनी एकादशी के बाद नवंबर का महीना विवाह के लिए अत्यंत शुभ रहेगा। इस दौरान कुल 13 शुभ तिथियाँ मिल रही हैं जिन पर विवाह संस्कार किए जा सकते हैं।
नवंबर 2025 के विवाह मुहूर्त:
2 नवंबर | 3 नवंबर | 5 नवंबर | 8 नवंबर |
12 नवंबर | 13 नवंबर | 16 नवंबर | 17 नवंबर |
18 नवंबर | 21 नवंबर | 22 नवंबर | 23 नवंबर |
25 नवंबर | 30 नवंबर
इन तिथियों पर विवाह करना सौभाग्य, समृद्धि और वैवाहिक स्थिरता प्रदान करने वाला माना गया है।
दिसंबर में सीमित रहेंगे शुभ अवसर
दिसंबर 2025 में विवाह के लिए केवल तीन तिथियाँ अत्यंत शुभ मानी गई हैं।
दिसंबर 2025 के विवाह मुहूर्त:
4 दिसंबर | 5 दिसंबर | 6 दिसंबर
इन दिनों में विवाह करने से नवविवाहित जोड़ों को दीर्घायु और सुखी जीवन का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
विवाह में शुभ मुहूर्त का महत्व
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति हर क्षण बदलती रहती है, और यही परिवर्तन मानव जीवन पर प्रभाव डालता है।
जब ग्रहों की स्थिति वर-वधू के पक्ष में होती है, तब वह समय शुभ मुहूर्त कहलाता है। ऐसे मुहूर्त में किया गया विवाह न केवल दांपत्य जीवन में स्थिरता और सौहार्द लाता है, बल्कि देवताओं की कृपा भी सुनिश्चित करता है।
देवउठनी एकादशी केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि यह नए शुभारंभ का प्रतीक है। इस दिन से शुभ कर्म, मांगलिक संस्कार और विवाह जैसे उत्सवों की शुरुआत होती है, जिससे जीवन में नई ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार होता है।







