
देहरादून में अवैध निर्माण पर रोक लगाने के लिए मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने सख्त रुख अपनाते हुए ऐसे बिल्डरों को ब्लैकलिस्ट करने की तैयारी शुरू कर दी है, जिनका अवैध प्रोजेक्ट्स में बार-बार नाम सामने आता रहा है। साथ ही कम बजट में हाउसिंग और व्यावसायिक भवन उपलब्ध कराने के लिए प्राधिकरण नए प्रोजेक्ट लाने की दिशा में लैंड बैंक तैयार कर रहा है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
देहरादून में अवैध निर्माण और जमीन फर्जीवाड़े के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इन मामलों ने न केवल आम लोगों को भ्रमित किया है बल्कि प्राधिकरण की सख्त निगरानी की आवश्यकता भी बढ़ा दी है। एमडीडीए का कहना है कि उसका उद्देश्य शहर में व्यवस्थित विकास और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है।
एमडीडीए का नया एक्शन प्लान
प्राधिकरण ने हाल ही में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। इनमें अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ सीलिंग कार्रवाई, अवैध कब्जों को हटाने, और नियम तोड़ने वाले बिल्डरों पर कड़ी निगरानी जैसे कदम शामिल हैं। प्राधिकरण अब ऐसे बिल्डरों को भी चिन्हित कर रहा है जो लगातार नियमों की अनदेखी करते हुए अवैध निर्माण में शामिल पाए गए हैं।
एमडीडीए के अनुसार दो से अधिक मंजिल वाले बिल्डर फ्लोर निर्माण पर पहले से ही रोक है। इसके बावजूद कुछ स्थानों पर नियमों का उल्लंघन देखा गया, जिसके बाद ऐसे निर्माणों को तत्काल सील करने के आदेश जारी किए गए हैं। नियम तोड़ने वाले बिल्डरों और ठेकेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
लैंड बैंक की तैयारी
कम बजट में आवास उपलब्ध कराने और जमीन से जुड़े विवादों को कम करने के लिए एमडीडीए शहर में लैंड बैंक विकसित करने की योजना बना रहा है। प्राधिकरण का मानना है कि इससे आम नागरिकों के लिए कम कीमत में हाउसिंग और व्यावसायिक भवन उपलब्ध कराना संभव होगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की पहल से बाजार में पारदर्शिता बढ़ेगी और जमीन फर्जीवाड़े जैसे मामलों में कमी आ सकती है।
नियमों की अनदेखी पर सख्त कार्रवाई
एमडीडीए के पास सभी निर्माण योजनाओं व नक्शों का ऑनलाइन डाटा उपलब्ध है। इस डाटा की समीक्षा की जा रही है ताकि उन बिल्डरों को चिन्हित किया जा सके जो लगातार नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। जिनके खिलाफ बार-बार शिकायतें मिली हैं, उन्हें ब्लैकलिस्ट करने की तैयारी है।
एक स्थानीय व्यापारी ने कहा, “बार-बार अवैध निर्माण होने से आसपास के क्षेत्र में जोखिम बढ़ता है। प्राधिकरण की नई सख्ती से व्यापक सुधार की उम्मीद है।”
प्राधिकरण का उद्देश्य
एमडीडीए का कहना है कि उसका उद्देश्य शहर को सुव्यवस्थित विकास मॉडल की ओर ले जाना है, जिसमें अवैध निर्माणों पर सख्त रोक, पारदर्शिता और आम लोगों को सस्ती हाउसिंग उपलब्ध कराना शामिल है।






