
देहरादून में रिस्पना नदी के बाढ़ परिक्षेत्र से अवैध निर्माण हटाने की प्रक्रिया तेज हो गई है और इसी क्रम में मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने काठ बंगला बस्ती के लगभग 100 परिवारों को नोटिस जारी करते हुए 15 दिन के भीतर घर खाली करने का आदेश दिया है। प्रभावित परिवारों को काठ बंगला में बने ईडब्ल्यूएस फ्लैटों में पुनर्वासित करने की योजना है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
उत्तराखंड हाईकोर्ट और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेश के बाद रिस्पना नदी के बाढ़ परिक्षेत्र में बने अवैध निर्माणों को हटाने की कार्रवाई तेज की गई है। अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि बाढ़ क्षेत्र में नियम-विरुद्ध बने सभी निर्माणों को अधिसूचना के अनुरूप हटाना अनिवार्य है।
एमडीडीए का नोटिस और प्रशासनिक कार्रवाई
इसी निर्देश के तहत एमडीडीए ने तरला नागल, ढाकपट्टी और काठ बंगला क्षेत्रों में अवैध निर्माणों की पहचान और सत्यापन शुरू किया। काठ बंगला बस्ती के 100 परिवारों को भेजे गए नोटिस में 15 दिन के भीतर घर खाली करने को कहा गया है। नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया है कि पात्र परिवारों को पुनर्वास नीति के तहत काठ बंगला में बने ईडब्ल्यूएस आवासीय फ्लैटों में बसाया जाएगा।
जिलाधिकारी देहरादून ने इस कार्रवाई के लिए नगर आयुक्त की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति गठित की है, जिसमें पुलिस, एमडीडीए, राजस्व और सिंचाई विभाग शामिल हैं।
सर्वे और पात्रता निर्धारण
संयुक्त टीमों ने घर-घर जाकर विद्युत बिल, गैस कनेक्शन और स्थलीय निरीक्षण के आधार पर निवासियों की पात्रता का सत्यापन किया।
सर्वे में पाया गया कि कई परिवारों के निर्माण 11 मार्च 2016 से पहले के हैं और शासनादेश के अनुसार एमडीडीए को हस्तांतरित भूमि पर स्थित हैं। ऐसे परिवारों को पुनर्वास उपलब्ध कराने की तैयारी है, जबकि अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया जाएगा।
स्थानीय प्रतिक्रिया
बस्ती की महिलाओं और स्थानीय लोगों का कहना है कि वे वर्षों से इस इलाके में रह रहे हैं और चुनाव के समय उन्हें आश्वासन दिया गया था कि उनके मकान नहीं तोड़े जाएंगे।
उनका कहना है— “सरकार ने पहले अध्यादेश लाकर हमें सुरक्षा का भरोसा दिया था, लेकिन अब अचानक 15 दिन में घर खाली करने का नोटिस मिलना समझ से परे है।”
मेयर से मुलाकात और आश्वासन
बुधवार को प्रभावित बस्तीवासी देहरादून नगर निगम पहुंचे और मेयर सौरभ थपलियाल से मुलाकात की। मेयर ने आश्वस्त किया कि वे इस मामले में एमडीडीए अधिकारियों और शहरी विकास मंत्री से वार्ता करेंगे ताकि प्रभावित परिवारों को उचित समाधान मिल सके।
आगे क्या?
प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि बाढ़ परिक्षेत्र में अवैध निर्माणों पर कार्रवाई जारी रहेगी, लेकिन पात्र लोगों का पुनर्वास प्राथमिकता में है। अगले कुछ दिनों में उच्चस्तरीय समिति की बैठक और आगे की कार्ययोजना के निर्धारण की उम्मीद है।






