
देहरादून: देहरादून के गढ़ी कैंट स्थित महेंद्र ग्राउंड में 20 फरवरी से तीन दिवसीय गोरखा हिमालयन फेस्टिवल का आयोजन किया जाएगा। शहीद मेजर दुर्गामल्ल मेमोरियल ट्रस्ट की ओर से आयोजित इस महोत्सव में हिमालयी लोकसंस्कृति, पारंपरिक वेशभूषा, फैशन शो और पहाड़ी खानपान का संगम देखने को मिलेगा। 20 से 22 फरवरी तक चलने वाले इस आयोजन में देश के विभिन्न हिस्सों से आए कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से रंग बिखेरेंगे। आयोजकों के अनुसार, फेस्टिवल का उद्देश्य गोरखा और हिमालयी संस्कृति को व्यापक मंच देना है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
सोमवार को गढ़ी कैंट स्थित गोरखाली सुधार सभा में आयोजित बैठक में फेस्टिवल की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। ट्रस्ट की अध्यक्षा कमला थापा ने बताया कि आयोजन में सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ जनजागरूकता का संदेश भी दिया जाएगा।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
आयोजकों के अनुसार, तीनों दिन आयोजन स्थल को पालीथिन मुक्त रखने का संदेश दिया जाएगा। कार्यक्रम का उद्घाटन साइकोलोथान से होगा। आयोजन की सचिव प्रभा शाह ने बताया कि फेस्टिवल सुबह 11 बजे से रात साढ़े 10 बजे तक चलेगा।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों और सांस्कृतिक संगठनों ने आयोजन का स्वागत किया है। उनका कहना है कि ऐसे उत्सव देहरादून में लोकसंस्कृति और पर्यटन को नई पहचान देते हैं और युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं।
आंकड़े और तथ्य
फेस्टिवल में उत्तराखंड से पद्मश्री जागर गायिका बसंती बिष्ट, सिलीगुड़ी से विक्रम कालीकोटी, दार्जिलिंग से सुरक्षा सिंचुरी, डीआईडी फेम आद्याश्री उपाध्याय और जम्मू से एम जैक्शन कल्चर इंस्टीट्यूट की टीम प्रस्तुति देगी।
कार्यक्रम के दौरान मधुमक्खी पालन, फल संरक्षण, सौंदर्य कला, नेचर फोटोग्राफी और ट्रैफिक रूल्स पर कार्यशालाएं भी आयोजित होंगी, साथ ही भव्य सांस्कृतिक संध्या सजेगी।
आगे क्या होगा
आयोजकों के मुताबिक, तीनों दिन हिमालयी राज्यों की लोकसंस्कृति, शिल्प और हुनर से जुड़ी प्रतिभाएं अपने लोकगायन, लोकवाद्य और लोकनृत्य से दर्शकों को आकर्षित करेंगी। आयोजन स्थल पर खानपान और स्टॉल्स की व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं।
Rishikesh News आगे भी इस मामले की अपडेट देता रहेगा।
यदि आपके क्षेत्र में कोई घटना, समस्या या जानकारी हो तो हमें ईमेल या फोटो/वीडियो भेजें —
📩 rishikeshnews.com@gmail.com







