
देहरादून: राजधानी देहरादून में सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (बीआरटीएस) के संचालन के लिए चार लेन का एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने की तैयारी है। प्रस्तावित कॉरिडोर में दो लेन बीआरटीएस (इलेक्ट्रिक बसों) और दो लेन सामान्य बसों के संचालन के लिए होंगी। यूकेएमआरसी द्वारा पहले दो लेन का प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन भविष्य में बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए मुख्य सचिव ने इसे चार लेन का बनाने के लिए परीक्षण कराने के निर्देश दिए हैं।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
पिछले दिनों कैबिनेट ने नियो मेट्रो के विकल्प के तौर पर रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के अन्य साधनों पर विचार करने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में राजधानी में बिजली से चलने वाली बसों पर आधारित बीआरटीएस को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि शहरी यातायात का दबाव कम किया जा सके और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन को बढ़ावा मिले।
आधिकारिक जानकारी
शुक्रवार को सचिवालय में मेट्रो रेल, शहरी बुनियादी ढांचा और भवन निर्माण लिमिटेड के निदेशक मंडल की 35वीं बैठक की अध्यक्षता आनंद वर्द्धन ने की। बैठक में यूकेएमआरसी ने बोर्ड के समक्ष बीआरटीएस से जुड़े कई प्रस्ताव रखे, जिन पर निर्णय लिए गए।
भविष्य के यातायात को देखते हुए फैसला
यूकेएमआरसी ने बीआरटीएस के लिए दो लेन का एलिवेटेड कॉरिडोर प्रस्तावित किया था। बोर्ड की चर्चा में यह बात सामने आई कि आने वाले वर्षों में राजधानी में यातायात का दबाव काफी बढ़ेगा और ऐसे में सार्वजनिक परिवहन के अन्य साधनों के संचालन के लिए पर्याप्त सड़कें भी उपलब्ध नहीं रहेंगी। इस पर मुख्य सचिव ने दो लेन के बजाय चार लेन के एलिवेटेड कॉरिडोर के परीक्षण को सैद्धांतिक मंजूरी दी।
पार्किंग और शहरी योजना पर भी जोर
बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि पूरे प्रोजेक्ट के तहत कहां-कहां पार्किंग की आवश्यकता होगी, इसकी भी विस्तृत योजना तैयार की जाए। उद्देश्य यह है कि बीआरटीएस के साथ-साथ शहर की समग्र यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे।
आगे क्या होगा
अब यूकेएमआरसी चार लेन एलिवेटेड कॉरिडोर की व्यवहार्यता और परीक्षण रिपोर्ट तैयार करेगा। रिपोर्ट के आधार पर आगे की मंजूरी और निर्माण से जुड़े निर्णय लिए जाएंगे। राजधानी में बीआरटीएस लागू होने से पर्यावरण अनुकूल परिवहन, समय की बचत और ट्रैफिक जाम में कमी की उम्मीद जताई जा रही है।




