
देहरादून। राजधानी देहरादून में छठ महापर्व को लेकर पूरे शहर में श्रद्धा और उत्साह का माहौल है। इस बार 23 से अधिक घाटों पर छठ पूजा आयोजित की जाएगी। शनिवार को नहाय-खाय के साथ चार दिवसीय पर्व की शुरुआत होगी। इसके साथ ही व्रती महिलाएं निर्जला उपवास का संकल्प लेंगी।
घाटों पर सजे पंडाल, बाजारों में उमड़ी भीड़
शुक्रवार को शहरभर में छठ की तैयारियां जोरों पर रहीं। चंद्रबनी, टपकेश्वर, रायपुर, मालदेवता और प्रेमनगर सहित प्रमुख स्थानों के घाटों को सजाया जा रहा है। बाजारों में बांस की टोकरियां, सूप, फल और पूजन सामग्री की खरीदारी को लेकर रौनक रही।
झंडा बाजार, निरंजनपुर और सहारनपुर चौक में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई।
नहाय-खाय की परंपरा
छठ पर्व की शुरुआत नहाय-खाय से होती है। इस दिन व्रती स्नान के बाद शुद्ध भोजन ग्रहण करते हैं और फिर निर्जला व्रत का आरंभ होता है। इस दिन से ही छठ प्रसाद बनाने की तैयारियां भी शुरू हो जाती हैं। व्रती और परिवारजन पूरी पवित्रता से प्रसाद बनाते हैं — अलग बर्तन, चूल्हा और शुद्ध सामग्री का उपयोग करते हुए। लहसुन-प्याज का सेवन वर्जित माना जाता है।
मुख्यमंत्री से अवकाश की मांग
बिहारी महासभा ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर छठ पर्व पर दो दिन सार्वजनिक अवकाश की मांग की है।
महासभा के अध्यक्ष ललन सिंह और सचिव चंदन झा ने कहा कि यह पर्व व्रतियों के लिए कठोर तपस्या और आस्था का प्रतीक है।
कई राज्यों की तरह उत्तराखंड में भी 27 और 28 अक्टूबर को अवकाश घोषित किया जाए, ताकि श्रद्धालु पूरी श्रद्धा के साथ पर्व मना सकें।
छठ पूजा की प्रमुख तिथियां
| तिथि | दिन | अनुष्ठान / गतिविधि |
|---|---|---|
| 25 अक्टूबर 2025 | शनिवार | नहाय-खाय (व्रती का स्नान व शुद्ध भोजन) — निर्जला व्रत की शुरुआत |
| 26 अक्टूबर 2025 | रविवार | खरना (सूर्यास्त के बाद प्रसाद — खीर/ठेकवा आदि बनाकर उपवास तोड़ना) |
| 27 अक्टूबर 2025 | सोमवार | संध्या अर्घ्य (अस्त होते सूर्य को जल अर्घ्य — घाट पर संध्या पूजा) |
| 28 अक्टूबर 2025 | मंगलवार | उषा अर्घ्य (उगते सूर्य को दूध से अर्घ्य; व्रत पारण) |
प्रमुख छठ घाट (देहरादून)
- चंद्रबनी घाट
- टपकेश्वर मंदिर परिसर
- रायपुर घाट
- मालदेवता
- प्रेमनगर
- सहारनपुर चौक
- निरंजनपुर क्षेत्र







