
देहरादून: चौखुटिया में स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली को लेकर हाल ही में शुरू हुआ ‘ऑपरेशन स्वास्थ्य आंदोलन’ अब असर दिखाने लगा है। जनता के आक्रोश और जनसैलाब के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चौखुटिया की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सचिव को आदेश दिया है कि जन भावना के अनुरूप स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि ग्रामीण इलाकों को बेहतर इलाज मिल सके। उन्होंने घोषणा की है कि वर्तमान 30 बेड वाले सीएचसी (Community Health Centre) को 50 बेड वाले एसडीएच (Sub-District Hospital) में बदला जाएगा। सरकार ने कहा है कि इस संबंध में शासनादेश की प्रक्रिया तेजी से प्रगति पर है।
सरकार बोली – “जनभावनाओं का सम्मान, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हमारी प्राथमिकता”
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि राज्य सरकार जनभावनाओं को गंभीरता से ले रही है और ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च कोटि की स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया,
“चौखुटिया की जनता की भावनाएं हमारी प्राथमिकता हैं। सरकार सुनिश्चित करेगी कि हर नागरिक को समय पर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा मिले।”
वर्तमान स्थिति: रोज़ाना 150–200 मरीजों की ओपीडी
महानिदेशक (DG) चिकित्सा स्वास्थ्य ने जानकारी दी कि वर्तमान में चौखुटिया के सीएचसी में 30 बेड की सुविधा उपलब्ध है और प्रतिदिन 150 से 200 मरीज ओपीडी में इलाज के लिए पहुंचते हैं। प्रत्येक माह 30 से 35 प्रसव (डिलीवरी) भी महिला चिकित्साधिकारी द्वारा कराए जा रहे हैं।
वर्तमान में चिकित्सालय में 7 डॉक्टर कार्यरत हैं, जिनमें 3 महिला और 4 पुरुष चिकित्सक शामिल हैं। इनमें एक डेंटल चिकित्सक भी हैं।
विशेषज्ञ सेवाएं और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि चौखुटिया अस्पताल में अब विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम भी नियमित रूप से सेवाएं दे रही है। सप्ताह में तीन दिन फिजिशियन, स्त्री रोग विशेषज्ञ और बाल रोग विशेषज्ञ को अल्मोड़ा और रानीखेत से भेजा जा रहा है।
अस्पताल में एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, डेंटल केयर और 108 एम्बुलेंस सेवा जैसी सभी बुनियादी सुविधाएं मौजूद हैं। इसके अलावा, सरकार के सहयोग से चंदन डायग्नोस्टिक सेंटर द्वारा प्रतिदिन 70–80 मुफ्त जांचें भी की जा रही हैं।
पृष्ठभूमि: जनता के आंदोलन ने दिलाई आवाज़
पिछले सप्ताह चौखुटिया में “ऑपरेशन स्वास्थ्य आंदोलन” के तहत हजारों लोग सड़कों पर उतरे थे। लोगों ने सरकार से मांग की थी कि ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाएं सुधारी जाएं और “रेफर-रेफर वाली व्यवस्था” खत्म की जाए। अब सरकार की यह घोषणा उसी आंदोलन का प्रत्यक्ष परिणाम मानी जा रही है। स्थानीय लोग इसे जनता की एकता की जीत बता रहे हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता भुवन कठायत ने कहा,
“यह जनता की आवाज़ थी जिसने सरकार को सुनने पर मजबूर किया। उम्मीद है कि यह घोषणा ज़मीन पर जल्दी लागू होगी।”
चौखुटिया आंदोलन ने दिखा दिया कि जब जनता एकजुट होती है, तो बदलाव संभव है। सरकार की ओर से मिली प्रतिक्रिया से लोगों में उम्मीद जगी है कि अब स्वास्थ्य सेवाओं का चेहरा बदलने जा रहा है।







