
ऋषिकेश: चारधाम यात्रा 2026 के दौरान यात्रियों को बेहतर और सुचारु परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था में इस बार हरिद्वार की डीलक्स वेलफेयर बस कंपनी को भी शामिल करने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही रोटेशन प्रणाली में शामिल निजी परिवहन कंपनियों की संख्या बढ़कर 10 हो जाएगी और यात्रा के दौरान कुल 1600 बसें संचालन में रहेंगी।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
अब तक संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था के तहत देहरादून, गढ़वाल और कुमाऊं क्षेत्र की निजी परिवहन कंपनियों की बसें चारधाम यात्रा में शामिल की जाती रही हैं। हर वर्ष देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले अधिकांश श्रद्धालु पहले हरिद्वार पहुंचते हैं और वहीं से यात्रा के लिए बस बुक करते हैं। इसका सीधा असर ऋषिकेश स्थित यात्रा संचालन केंद्र से संचालित रोटेशन बसों पर पड़ता रहा है।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति से जुड़े पदाधिकारियों के अनुसार, हरिद्वार की डीलक्स वेलफेयर बस कंपनी को पहली बार रोटेशन में शामिल करने का निर्णय इसी अनुभव के आधार पर लिया गया है। पिछली यात्रा में पर्याप्त यात्री न मिलने के कारण कई बसों का नंबर नहीं आ सका था। इस समस्या को दूर करने और यात्रा संचालन को संतुलित रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
परिवहन कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि हरिद्वार की कंपनी के शामिल होने से यात्रियों को बस उपलब्धता में आसानी होगी और बुकिंग का दबाव किसी एक केंद्र पर नहीं रहेगा। इससे ऋषिकेश और हरिद्वार—दोनों ही केंद्रों से यात्रा संचालन बेहतर ढंग से हो सकेगा।
आंकड़े और तथ्य
बीते वर्ष चारधाम यात्रा के दौरान रोटेशन व्यवस्था में करीब 1400 बसें शामिल थीं। इस बार हरिद्वार की निजी कंपनी के जुड़ने से यह संख्या बढ़कर 1600 बसें हो जाएगी। निजी परिवहन कंपनियों की कुल संख्या अब 10 हो जाएगी, जो अब तक की सबसे अधिक है।
आगे क्या होगा
समिति के अनुसार, यात्रा शुरू होने से पहले बसों की फिटनेस, रूट आवंटन और समय-सारिणी को अंतिम रूप दिया जाएगा। उम्मीद की जा रही है कि बसों की संख्या बढ़ने से यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी और चारधाम यात्रा का संचालन अधिक व्यवस्थित रहेगा।







