
देहरादून: पहलगाम आतंकी हमले और वर्षाकाल की आपदाओं के बीच चारधाम यात्रा के लिए यह वर्ष चुनौतियों से भरा रहा, लेकिन इसके बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। वर्ष 2024 की तुलना में इस बार 1.87 लाख अधिक भक्त चारधाम पहुंचे, जबकि हेमकुंड साहिब में भी लगभग 91 हजार की बढ़ोतरी दर्ज की गई। प्रशासनिक चुनौतियों के बावजूद बदरीनाथ, केदारनाथ और हेमकुंड साहिब में रिकॉर्ड संख्या में यात्रियों ने दर्शन किए।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा उत्तराखंड की धार्मिक, सांस्कृतिक और आर्थिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस वर्ष यात्रा शुरू होने से पहले ही पहलगाम आतंकी हमले की वजह से भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव उत्पन्न हो गया था। इसके बाद जुलाई–अगस्त में भारी वर्षा और धराली आपदा ने यात्रा मार्गों पर बड़ा खतरा पैदा कर दिया।
अधिकारिक जानकारी
गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ के कपाट क्रमशः 30 अप्रैल, 30 अप्रैल, 2 मई और 4 मई को खोले गए। हेमकुंड साहिब के कपाट 25 मई को खुले।
आईजी/नोडल अधिकारी राजीव स्वरूप के अनुसार, यात्रा की सुरक्षा और सुचारू संचालन के लिए इस बार कंट्रोल रूम प्रणाली का पहली बार बड़े पैमाने पर प्रयोग किया गया। सीसीटीवी मॉनिटरिंग, त्वरित प्रतिक्रिया टीमों और जगह-जगह तैनात अतिरिक्त बलों के कारण यात्रा निर्बाध रूप से संचालित की जा सकी।
कुछ अधिकारी इस पर विस्तृत टिप्पणी करने से बचते दिखे, लेकिन यह स्वीकार किया कि आपदा के बावजूद यात्रा की व्यवस्था बेहतर रही।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय व्यवसायियों और तीर्थपुरोहितों का कहना है कि इस बार यात्रा शुरू होते ही भीड़ के बढ़ते संकेत मिल रहे थे। यात्रियों ने भी बताया कि मार्गों पर सुरक्षा बलों और बचाव टीमों की तैनाती से उन्हें भरोसा मिला।
प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि वर्षा और भूस्खलन के चलते कई जगह खतरा बना रहा, लेकिन प्रशासन की त्वरित कार्रवाई ने हालात को संभाल लिया।
यात्रा प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था
- सभी धामों की लाइव निगरानी रेंज कार्यालय के कंट्रोल रूम से की गई।
- पुलिस, एसडीआरएफ, फायर सर्विस, जल पुलिस, एटीएस, बम निरोधक दस्ते और पैरा मिलिट्री बल तैनात रहे।
- समस्या वाले क्षेत्रों में तुरंत टीम भेजी गई।
- वर्षा और भूस्खलन वाले हिस्सों में अतिरिक्त निगरानी रखी गई।
यात्रियों का तुलनात्मक डेटा (2024 बनाम 2025)
| धाम | वर्ष 2024 | वर्ष 2025 | कमी / बढ़ोतरी |
|---|---|---|---|
| यमुनोत्री | 7,14,755 | 6,44,637 | कमी 70,118 |
| गंगोत्री | 8,15,273 | 7,58,249 | कमी 57,024 |
| केदारनाथ | 16,52,076 | 17,68,795 | बढ़ोतरी 1,16,719 |
| बदरीनाथ | 14,35,341 | 16,32,981 | बढ़ोतरी 1,97,640 |
| हेमकुंड साहिब | 1,83,722 | 2,74,441 | बढ़ोतरी 90,719 |
(नोट: बदरीनाथ धाम के कपाट 25 नवंबर को बंद होने हैं।)
अब आगे क्या?
आईजी राजीव स्वरूप ने कहा कि भविष्य में यात्रा संचालन को और बेहतर बनाने की दिशा में प्रयास तेज किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि अगले वर्ष के लिए भी तैयारियों की शुरुआत कर दी गई है और जहां भी कमियां दिखीं, उन्हें समय रहते दूर किया जाएगा।







