
देहरादून: त्रिपुरा के 24 वर्षीय छात्र एंजेल चकमा की हत्या के मामले में आई विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने घटना की भयावहता को स्पष्ट कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार एंजेल चकमा के साथ बेरहमी से मारपीट की गई थी और उस पर धातु के कड़े व चाकू से कई बार हमला किया गया। हमले में उसकी गर्दन, रीढ़ और स्पाइनल कॉर्ड को गंभीर चोटें पहुंचीं, जबकि रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर भी पाया गया। इस मामले में छह आरोपियों में से पांच की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि मुख्य आरोपी अब भी फरार है, जिस पर पुलिस ने इनाम घोषित किया है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
एंजेल चकमा, जो मूल रूप से त्रिपुरा का निवासी था, देहरादून में अध्ययन कर रहा था। 9 दिसंबर 2025 को हुई मारपीट के बाद वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। लंबे इलाज के बावजूद 26 दिसंबर 2025 की सुबह उसने दम तोड़ दिया। इस घटना ने न केवल छात्र समुदाय बल्कि आम नागरिकों को भी झकझोर दिया।
आधिकारिक जानकारी
देहरादून पुलिस और एसआईटी के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट में एंजेल चकमा की मौत का कारण एंटे मार्टम हेड इंजरी बताया गया है। सीओ, एसआईटी भास्कर शाह ने बताया कि जांच में यह पुष्टि हुई है कि एक आरोपी ने धातु के कड़े से सिर पर वार किया था, जबकि दूसरे आरोपी ने चाकू से पेट के निचले हिस्से पर हमला किया, जिससे उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या सामने आया
रिपोर्ट के अनुसार एंजेल की गर्दन के दाहिने हिस्से में 12.5 सेंटीमीटर लंबा घाव था, जिसमें 13 टांके लगाए गए थे। पेट के निचले हिस्से में तीन सेंटीमीटर का घाव पाया गया, जिसमें तीन टांके लगे थे। दाहिने कंधे पर भी एक सेंटीमीटर का घाव दर्ज किया गया। सबसे गंभीर स्थिति रीढ़ की हड्डी में रही, जहां C2, C3 और C5 हिस्सों में फ्रैक्चर मिला। इलाज के दौरान C2 और C3 में इंप्लांट लगाए गए थे।
क्या था पूरा मामला
पुलिस के अनुसार 9 दिसंबर 2025 की शाम सभी छह आरोपी जन्मदिन की पार्टी के लिए एकत्र हुए थे। एंजेल चकमा और उसका भाई पहले से वहां मौजूद थे। आपसी मजाक को गलत समझे जाने के बाद विवाद हुआ, जो देखते ही देखते हाथापाई में बदल गया। इसी दौरान एक नाबालिग आरोपी ने धातु के कड़े से हमला किया, जबकि दूसरे आरोपी ने पास की अंडे की ठेली से चाकू उठाकर वार कर दिया। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घायल एंजेल को ई-रिक्शा से निजी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
गिरफ्तारी और फरार आरोपी
इस मामले में छह आरोपियों में से अब तक पांच को गिरफ्तार किया जा चुका है। एक नेपाल निवासी आरोपी यज्ञराज अवस्थी अभी फरार है, जिस पर पुलिस मुख्यालय ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया है। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों का पूर्व में कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था।
स्थानीय प्रतिक्रिया
एंजेल चकमा को न्याय दिलाने की मांग को लेकर देहरादून में लोगों ने कैंडल मार्च निकाले। स्थानीय नागरिकों और छात्र संगठनों का कहना है कि इस मामले में दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
सरकार की पहल
उत्तराखंड सरकार ने पीड़ित परिवार को चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं एंजेल चकमा के पिता से फोन पर बात कर न्याय दिलाने और उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
आगे क्या होगा
पुलिस के अनुसार फरार आरोपी की तलाश तेज कर दी गई है और जल्द गिरफ्तारी की उम्मीद जताई जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है।






