
देहरादून: त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की हत्या के मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मृतक के पिता तरुण प्रसाद चकमा से फोन पर बातचीत की। मुख्यमंत्री ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए बताया कि अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि एक आरोपी के नेपाल भागने की आशंका है और उसकी गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित करने की प्रक्रिया चल रही है। यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उत्तराखंड देश-विदेश से पढ़ाई के लिए आने वाले छात्रों का केंद्र रहा है और ऐसी घटना राज्य की छवि व छात्र सुरक्षा से सीधे जुड़ी हुई है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
एंजेल चकमा त्रिपुरा का निवासी था और देहरादून में एमबीए की पढ़ाई कर रहा था। सेलाकुई क्षेत्र में हुई इस घटना ने न केवल उत्तराखंड बल्कि नॉर्थ ईस्ट के छात्रों के बीच भी चिंता बढ़ा दी है। इससे पहले भी छात्रों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठते रहे हैं, लेकिन यह घटना अपनी गंभीरता के कारण व्यापक चर्चा में आ गई।
आधिकारिक जानकारी
मुख्यमंत्री ने बातचीत में कहा कि इस घटना से वे व्यक्तिगत तौर पर आहत हैं और परिवार के दुख को समझते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड सरकार दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री के अनुसार अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और एक फरार आरोपी की तलाश तेज कर दी गई है, जिसके लिए इनाम घोषित करने पर भी विचार किया जा रहा है।
उच्चस्तरीय संवाद
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस प्रकरण को लेकर उन्होंने त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा से बातचीत की है। इसके साथ ही केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को भी पूरे मामले की जानकारी दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य और केंद्र स्तर पर समन्वय बनाकर कार्रवाई की जा रही है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
देहरादून में पढ़ाई कर रहे छात्रों और स्थानीय लोगों का कहना है कि उत्तराखंड हमेशा से सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण माहौल के लिए जाना जाता रहा है।
स्थानीय लोगों ने उम्मीद जताई कि सरकार की सख्ती से ऐसी घटनाओं पर रोक लगेगी और बाहर से आने वाले छात्रों का भरोसा बना रहेगा।
आंकड़े / तथ्य
इस मामले में अब तक कुल 6 आरोपी सामने आए हैं।
5 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
1 आरोपी फरार है, जिसकी तलाश नेपाल तक की जा रही है।
आगे क्या होगा
मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे। साथ ही पीड़ित परिवार को हर स्तर पर सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का कहना है कि छात्र सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।







