
धर्म डेस्क: साल 2026 में अमावस्या तिथियों को लेकर लोगों में पहले से ही जिज्ञासा बनी रहती है। खासतौर पर पितृ कार्य, श्राद्ध, तर्पण, स्नान, दान और आध्यात्मिक साधना से जुड़े लोग अमावस्या की सही तिथि जानना चाहते हैं। अमावस्या वह दिन होता है जब चंद्रमा पूरी तरह अदृश्य होता है और इसे हिंदू पंचांग में विशेष आध्यात्मिक महत्व दिया गया है।
ऋषिकेश सहित उत्तराखंड के धार्मिक क्षेत्रों में अमावस्या के दिन गंगा स्नान, पितरों के लिए तर्पण और दान-पुण्य की परंपरा आज भी जीवित है। साल 2026 में कुल 12 अमावस्या तिथियां पड़ेंगी, जिनमें कुछ विशेष अमावस्याएं अत्यंत फलदायी मानी जाती हैं।
इस लेख में हम आपको बताएंगे कि साल 2026 में अमावस्या कब-कब है, हर माह की अमावस्या की तिथि क्या है और उनका धार्मिक व आध्यात्मिक महत्व क्या माना जाता है।
साल 2026 में अमावस्या कब-कब है? (मासिक तिथियां)
नीचे दी गई तालिका में 2026 की सभी अमावस्या तिथियों को सरल रूप में प्रस्तुत किया गया है, ताकि पाठकों को एक ही जगह पूरी जानकारी मिल सके।
| माह | अमावस्या तिथि | वार |
|---|---|---|
| जनवरी | 19 जनवरी 2026 | सोमवार |
| फरवरी | 17 फरवरी 2026 | मंगलवार |
| मार्च | 19 मार्च 2026 | गुरुवार |
| अप्रैल | 17 अप्रैल 2026 | शुक्रवार |
| मई | 16 मई 2026 | शनिवार |
| जून | 15 जून 2026 | सोमवार |
| जुलाई | 14 जुलाई 2026 | मंगलवार |
| अगस्त | 12 अगस्त 2026 | बुधवार |
| सितंबर | 11 सितंबर 2026 | शुक्रवार |
| अक्टूबर | 10 अक्टूबर 2026 | शनिवार |
| नवंबर | 8 नवंबर 2026 | रविवार |
| दिसंबर | 8 दिसंबर 2026 | मंगलवार |
अमावस्या का धार्मिक महत्व
हिंदू धर्म में अमावस्या को पितृ तिथि माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन पितरों की आत्माएं पृथ्वी के समीप होती हैं और श्रद्धा से किया गया तर्पण उन्हें शांति प्रदान करता है। विशेष रूप से सोमवती अमावस्या और शनैश्चरी अमावस्या को अत्यंत पुण्यकारी माना गया है।
ऋषिकेश, हरिद्वार और आसपास के तीर्थ क्षेत्रों में अमावस्या के दिन गंगा स्नान, दीपदान और दान-पुण्य का विशेष महत्व रहता है। कई साधक इस दिन मौन व्रत और ध्यान साधना भी करते हैं।
अमावस्या पर क्या करना शुभ माना जाता है?
अमावस्या के दिन प्रातः स्नान कर पितरों के नाम से जल, तिल और कुश अर्पित करना शुभ माना जाता है। जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र या अन्न का दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि अमावस्या पर किए गए अच्छे कर्म कई गुना फल देते हैं।
निष्कर्ष
अगर आप जानना चाहते हैं कि साल 2026 में अमावस्या कब-कब है, तो ऊपर दी गई सूची आपके लिए पूरी तरह उपयोगी है। अमावस्या केवल एक तिथि नहीं, बल्कि आत्मिक शुद्धि, पितृ सम्मान और धर्म से जुड़ने का अवसर है। सही तिथि की जानकारी रखकर आप अपने धार्मिक कार्यों को विधि-विधान से कर सकते हैं और आध्यात्मिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
साल 2026 में अमावस्या कब-कब पड़ेगी?
साल 2026 में हर महीने एक अमावस्या पड़ेगी। कुल मिलाकर पूरे साल में 12 अमावस्या तिथियां होंगी, जिनकी पूरी सूची ऊपर तालिका में दी गई है।
अमावस्या का धार्मिक महत्व क्यों माना जाता है?
अमावस्या को पितृ तिथि माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन पितरों के लिए किया गया तर्पण, दान और पूजा उन्हें शांति प्रदान करती है और परिवार पर उनका आशीर्वाद बना रहता है।
क्या अमावस्या के दिन गंगा स्नान जरूरी होता है?
गंगा स्नान अनिवार्य नहीं है, लेकिन धार्मिक दृष्टि से इसे बहुत शुभ माना जाता है। ऋषिकेश और हरिद्वार जैसे तीर्थ स्थलों पर अमावस्या के दिन स्नान और दान की परंपरा विशेष रूप से निभाई जाती है।
क्या सभी अमावस्या समान फल देती हैं?
सभी अमावस्या शुभ मानी जाती हैं, लेकिन सोमवती अमावस्या और शनैश्चरी अमावस्या को विशेष पुण्यफल देने वाली माना गया है।
अमावस्या पर कौन-कौन से काम करना शुभ रहता है?
अमावस्या के दिन पितरों के नाम से जल और तिल अर्पित करना, जरूरतमंदों को भोजन या वस्त्र दान करना और शांत मन से पूजा-पाठ करना शुभ माना जाता है।
क्या अमावस्या के दिन नए काम शुरू करने चाहिए?
परंपरागत मान्यताओं के अनुसार अमावस्या को नए कार्यों की शुरुआत से बचने की सलाह दी जाती है, जबकि आत्मिक शुद्धि, दान और साधना के लिए यह दिन उपयुक्त माना जाता है।







