
देहरादून: एयरपोर्ट विस्तार से प्रभावित लोगों ने क्षेत्रीय विधायक के नेतृत्व में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखीं। प्रभावितों ने स्पष्ट रूप से कहा कि भूमि अधिग्रहण के बदले उन्हें जमीन के बदले जमीन और उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए। उन्होंने दोबारा विस्थापन की स्थिति पर चिंता जताते हुए सरकार से न्यायसंगत समाधान की मांग की। मुख्यमंत्री ने प्रभावितों को भरोसा दिलाया कि उनकी सहमति के बिना भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जाएगी।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
एयरपोर्ट विस्तार परियोजनाओं के चलते आसपास के कई परिवार प्रभावित हो रहे हैं। इनमें से कई लोग पहले भी विस्थापन का सामना कर चुके हैं। ऐसे में दोबारा भूमि अधिग्रहण से प्रभावितों के सामने आवास और आजीविका से जुड़ी गंभीर समस्याएं खड़ी हो गई हैं।
आधिकारिक जानकारी
क्षेत्रीय विधायक बृजभूषण गैरोला ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से कहा कि एयरपोर्ट प्रभावितों को पुनः विस्थापित किया जा रहा है, इसलिए उन्हें जमीन के बदले जमीन और शेष प्रभावितों को सर्किल रेट के अनुसार उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए। विधायक ने मुख्यमंत्री को कुछ ऐसी भूमि की जानकारी भी दी, जिन्हें प्रभावितों को आवंटित किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने प्रभावितों को आश्वस्त करते हुए कहा कि सरकार उनके साथ खड़ी है और प्रभावितों की सहमति से ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने युकाडा के निदेशक आशीष चौहान को फोन पर निर्देश देते हुए प्रभावितों के लिए उपयुक्त भूमि तलाशने को कहा।
स्थानीय प्रतिक्रिया
एयरपोर्ट प्रभावितों का कहना है कि बार-बार विस्थापन से उनका सामाजिक और आर्थिक जीवन प्रभावित हो रहा है।
प्रभावित परिवारों ने उम्मीद जताई कि सरकार के इस आश्वासन से उन्हें स्थायी समाधान मिलेगा।
संख्या / आंकड़े
भूमि अधिग्रहण से जुड़े प्रभावित परिवारों की संख्या को लेकर विभागीय स्तर पर आकलन जारी है।
मुआवजा निर्धारण में सर्किल रेट को आधार बनाने की मांग उठाई गई है।
आगे क्या होगा
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद युकाडा द्वारा वैकल्पिक भूमि की पहचान की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके बाद प्रभावितों से सहमति लेकर भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास से जुड़े अगले कदम तय किए जाएंगे।






