
उत्तरकाशी — धराली आपदा को लेकर रिटायर्ड कर्नल अजय कोठियाल ने एक बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि घटना में दबे लोगों की संख्या 50 नहीं, बल्कि 147 तक हो सकती है। उनके इस बयान से आपदा प्रभावित क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है और प्रशासन से वास्तविक आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग उठने लगी है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
हाल ही में धराली क्षेत्र में आई आपदा के बाद राहत और बचाव कार्य जारी है। प्रशासन ने शुरुआती आकलन में लगभग 50 लोगों के दबे होने की संभावना जताई थी। लेकिन स्थानीय स्तर पर लगातार मिल रही सूचनाओं और लापता लोगों की बढ़ती सूची से स्थिति को लेकर कई सवाल सामने आ रहे हैं। ऐसे में रिटायर्ड कर्नल अजय कोठियाल का दावा मामले को और गंभीर बना देता है।
अजय कोठियाल का दावा
रिटायर्ड कर्नल अजय कोठियाल का कहना है कि धराली में आपदा के दौरान कई परिवार पूरी तरह लापता हो गए हैं और आधिकारिक आंकड़े वास्तविक स्थिति को प्रतिबिंबित नहीं करते। उनके अनुसार घटनास्थल पर मौजूद स्थानीय लोगों, स्वयंसेवकों और राहत कार्य में लगे लोगों से मिली जानकारी बताती है कि लगभग 147 लोगों के दबे होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि सच्चे आंकड़ों को सामने लाना बेहद ज़रूरी है ताकि राहत और मुआवज़े की प्रक्रिया सही तरीके से आगे बढ़ सके।
स्थानीय प्रतिक्रिया
धराली और आसपास के क्षेत्रों में लोगों का कहना है कि कई लापता व्यक्तियों के नाम अभी रिकॉर्ड में नहीं आए हैं, जिसके कारण वास्तविक संख्या बढ़ सकती है। प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से मांग की है कि सभी गांवों और बस्तियों का पुन: सर्वे कराया जाए। उनका कहना है कि आपदा के बाद हुए नुकसान का अभी सही आकलन नहीं किया गया है।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
प्रशासन की ओर से इस दावे पर अब तक कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है। कुछ अधिकारियों ने अनौपचारिक रूप से कहा कि राहत कार्य अभी जारी है और अंतिम आंकड़े बचाव कार्य पूरा होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएंगे। कई अधिकारी फिलहाल टिप्पणी से बचते दिख रहे हैं।
आगे क्या?
कर्नल कोठियाल के दावे के बाद प्रभावित क्षेत्र में लोगों की उम्मीद है कि प्रशासन विस्तृत सर्वे कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करेगा। राहत एजेंसियों का कहना है कि मलबा हटाने और लापता लोगों की खोज का काम फिलहाल प्राथमिकता पर है। आने वाले दिनों में सरकार इस मुद्दे पर आधिकारिक बयान जारी कर सकती है।






