
देहरादून: उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की स्नातक स्तरीय परीक्षा पेपर लीक मामले में सीबीआई ने जांच की गति तेज करते हुए बॉबी पंवार को पूछताछ के लिए तलब किया। सोमवार को बसंत विहार स्थित कार्यालय में सीबीआई ने उनसे करीब नौ घंटे तक सवाल पूछे। पंवार सुबह 11:30 बजे पहुँचे और देर रात आठ बजे के बाद बाहर निकले।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
UKSSSC की स्नातक स्तरीय परीक्षा 21 सितंबर को आयोजित की गई थी। परीक्षा शुरू होने के कुछ ही समय बाद पेपर का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर फैलने लगा, जिसके बाद युवाओं और बेरोजगार संघों ने पेपर लीक का आरोप लगाते हुए सड़क पर आंदोलन शुरू कर दिया। इसी दबाव के चलते मामला गंभीर हो गया और अंततः मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने धरनास्थल पर पहुंचकर सीबीआई जांच की संस्तुति की थी।
सरकार की प्रक्रियाएँ पूरी होने के बाद सीबीआई ने 26 अक्टूबर को औपचारिक रूप से मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
सीबीआई की पूछताछ और बॉबी पंवार की भूमिका
सूत्रों के अनुसार पेपर का स्क्रीनशॉट सहायक प्रोफेसर सुमन चौहान द्वारा बॉबी पंवार को भेजा गया था। इसी वजह से सीबीआई ने पंवार को पूछताछ के लिए बुलाया। पंवार से दिनभर कई सवाल पूछे गए और पूरी घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश की गई।
सीबीआई ने सुमन चौहान को 28 नवंबर को गिरफ्तार किया था। जांच में पता चला था कि परीक्षा केंद्र बहादरपुर जट, हरिद्वार में परीक्षार्थी खालिद ने पहले से छिपाए मोबाइल की मदद से पेपर का फोटो लिया और अपनी बहन साबिया को भेज दिया। साबिया ने इसे आगे सुमन चौहान तक पहुँचाया, और सुमन ने बॉबी पंवार को भेज दिया।
पहले हुई गिरफ्तारियाँ और घटनाक्रम
घटना की शुरुआत उस समय हुई जब पेपर लीक होने की शिकायत रायपुर थाने में दर्ज कराई गई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए खालिद को हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद उसकी बहन साबिया को भी गिरफ्तार किया गया। जांच में यह भी पाया गया कि सुमन चौहान को शुरू में यह समझ नहीं था कि यह किसी प्रतियोगी परीक्षा का पेपर है, इसलिए उसे पहले जांच में सहयोग करने की शर्त पर छोड़ दिया गया था।
हालांकि सीबीआई की प्राथमिक जांच में सुमन की भूमिका गंभीर पाई गई और आगे की कड़ी मानते हुए उसे स्पेशल जज सीबीआई की अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
स्थानीय प्रतिक्रिया
पेपर लीक से नाराज युवाओं ने आठ दिन तक देहरादून में धरना देकर सीबीआई जांच की मांग की थी। युवाओं का कहना है कि पेपर लीक जैसी घटनाएँ उनकी मेहनत और भविष्य को प्रभावित करती हैं और ऐसी अनियमितताओं पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। सीबीआई की कार्रवाई को अब वे सही दिशा में उठाया गया कदम मान रहे हैं।
आगे क्या?
सीबीआई अब बॉबी पंवार और अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की गहन जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि पेपर लीक किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा था या केवल कुछ व्यक्तियों की मिलीभगत से हुआ। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ होने की संभावना जताई जा रही है।






