
देहरादून: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) का 71वां राष्ट्रीय अधिवेशन शुक्रवार से देहरादून के परेड ग्राउंड में शुरू हो गया। भव्य आयोजन के उद्घाटन समारोह में इसरो के पूर्व अध्यक्ष डॉ. एस सोमनाथ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। देशभर से आए 1500 से अधिक प्रतिनिधि इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
एबीवीपी देश का सबसे बड़ा छात्र संगठन माना जाता है, जो हर वर्ष राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित करता है। इस बार देवभूमि उत्तराखंड को इसकी मेजबानी का अवसर मिला है। अधिवेशन में शिक्षण, सामाजिक परिवेश, राष्ट्रीय चुनौतियों और युवाओं की भूमिका पर चर्चा की परंपरा रही है।
आधिकारिक जानकारी
अधिवेशन का औपचारिक उद्घाटन इसरो के पूर्व अध्यक्ष डॉ. एस. सोमनाथ ने किया।
उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, “एबीवीपी के युवा ऊर्जावान हैं और देश को आज ऐसे ही युवाओं की जरूरत है। खासकर आज की पीढ़ी स्पेस साइंस में अपना भविष्य तलाश रही है। भारत के युवा देश को विश्व गुरु के रूप में देखना चाहते हैं और हमें इसी संकल्प के साथ आगे बढ़ना चाहिए।”
एबीवीपी ने बताया है कि तीन दिवसीय अधिवेशन 28 से 30 नवंबर तक चलेगा। इसमें देशभर से 1500+ प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं, जो विभिन्न राज्यों और विश्वविद्यालयों का प्रतिनिधित्व करेंगे।
अधिवेशन में जिन प्रमुख विषयों पर चर्चा होगी, उनमें शामिल हैं:
- समाज और शिक्षा
- पर्यावरण
- युवा रोजगार
- बांग्लादेशी घुसपैठ
- राष्ट्रीय सुरक्षा
अभी तक किसी राजनीतिक दल की ओर से इस आयोजन पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
देहरादून के स्थानीय लोगों ने कहा कि ऐसे राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम शहर की पहचान और युवाओं की भागीदारी को बढ़ाते हैं। कुछ व्यापारियों ने बताया कि इस आयोजन से बाजारों में भी रौनक बढ़ गई है।
विशेषज्ञ टिप्पणी
युवा मामलों के विशेषज्ञों का कहना है कि एबीवीपी जैसे संगठनों के राष्ट्रीय अधिवेशन युवा नेतृत्व और राष्ट्रीय नीतियों में युवाओं की भागीदारी का मंच प्रदान करते हैं।
आगे क्या?
अगले दो दिनों में संगठन की भविष्य रणनीति, प्रस्ताव और राष्ट्रीय मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। अंतिम दिन अधिवेशन का समापन संबोधन और प्रस्तावित घोषणाओं के साथ किया जाएगा।






