
देहरादून। राजपुर रोड पर हुई मारपीट और पिस्तौल लहराने की घटना में आरोपी पूर्व विधायक चैंपियन के बेटे दिव्य प्रताप ने तीसरे दिन पुलिस के नोटिस पर वीडियो कॉल के माध्यम से हाज़िरी दी। आरोपी हरियाणा स्थित मानव रचना स्पोर्ट्स साइंस सेंटर में अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप की तैयारी में जुटा है। उसने कहा कि वह 30 नवंबर तक व्यस्त है और इसके बाद देहरादून आकर बयान दर्ज कराएगा।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
14 नवंबर की रात राजपुर रोड पर दिव्य प्रताप और पूर्व मुख्य सचिव एस. रामास्वामी के बेटे आर. यशोवर्धन के बीच विवाद हो गया था।
विवाद बढ़ने पर दिव्य प्रताप ने कार में सवार यशोवर्धन और उसके चालक की पिटाई कर दी। इस दौरान उसके हाथ में लाइसेंसी हथियार भी दिखाई दिया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।
घटना के बाद पुलिस ने दिव्य प्रताप को तीन दिन के भीतर उपस्थित होने का नोटिस भेजा था।
आधिकारिक जानकारी
तीन दिन तक सामने न आने के बाद आरोपी ने बृहस्पतिवार को वीडियो कॉल पर पुलिस से संपर्क किया।
बातचीत के दौरान:
- उसने कहा कि वह 30 नवंबर तक प्रशिक्षण में व्यस्त है।
- वह हरियाणा के मानव रचना स्पोर्ट्स साइंस सेंटर में इंटरनेशनल चैंपियनशिप की तैयारी कर रहा है।
- संस्थान प्रबंधन ने भी एसएसपी से बात कर आरोपी को भौतिक उपस्थिति के लिए समय मांगा।
दिव्य प्रताप ने वीडियो कॉल पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि:
- कार सवार लोग बार-बार हॉर्न देने पर भी साइड नहीं दे रहे थे।
- उसने दावा किया कि मारपीट सिर्फ चालक से हुई थी।
- उसने यशोवर्धन के साथ किसी भी तरह की मारपीट या गाली-गलौज से इंकार किया।
- वह जल्द ही राजपुर थाने पहुंचकर भौतिक बयान दर्ज कराने की बात भी कहता है।
हथियार लाइसेंस निरस्तीकरण
पुलिस जांच में मिले सीसीटीवी फुटेज में दिव्य प्रताप हथियार लहराते दिखाई दिया था।
इसके बाद:
- हरिद्वार के जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजी गई।
- जिलाधिकारी ने मामले की गंभीरता देखते हुए उसके तीनों लाइसेंस निरस्त कर दिए।
- आरोपी के पास दो रिवॉल्वर और एक बंदूक थी।
- साथ ही उसे कारण बताओ नोटिस जारी कर 15 दिन में जवाब मांगा गया है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
राजपुर रोड क्षेत्र के स्थानीय लोगों का कहना है कि घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कुछ निवासियों ने कहा कि यदि लाइसेंसी हथियारों का दुरुपयोग इसी तरह होता रहा तो सख्त नियम लागू होने चाहिए।
SSP का आधिकारिक बयान
एसएसपी अजय सिंह ने कहा: “आरोपी ने तीसरे दिन वीडियो कॉल पर प्राथमिक बयान दिया है। प्रशिक्षण संस्थान ने 30 नवंबर तक अनुमति मांगी है, लेकिन उसे जल्द भौतिक रूप से हाज़िर होने के निर्देश दिए गए हैं।”
आगे क्या
पुलिस अब आरोपी को भौतिक रूप से बयान दर्ज कराने के लिए बाध्य करेगी। सीसीटीवी फुटेज, वायरल वीडियो और गवाहों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी। मामले में धारा-वार कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।







