
चमोली: थराली विकासखंड स्थित सगवाड़ा गांव में देर शाम एक भालू ने घास लेने गए 56 वर्षीय ग्रामीण पर अचानक हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। घायल व्यक्ति की चीख सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन इससे पहले भालू मौके से भाग गया। घायल को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर किया गया है, जबकि गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
थराली क्षेत्र में पिछले कुछ महीनों से भालुओं की आवाजाही बढ़ी है, जिसके चलते ग्रामीणों में लगातार डर का माहौल बना हुआ है। सगवाड़ा गांव के आसपास भी कई बार भालू देखे जाने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग को कई बार सूचना देने के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है, जिसकी वजह से वन्यजीव मानव बस्तियों के नजदीक आते जा रहे हैं।
घटना कैसे हुई
ग्राम प्रधान दिनेश बिष्ट के अनुसार, धन सिंह (उम्र 56) देर शाम घास लेने खेतों की ओर गए थे। अचानक घात लगाए बैठे भालू ने उन पर हमला कर दिया। हमले में उनके चेहरे और आंख पर गहरी चोटें आई हैं। घायल की चीख सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे, जिसके बाद भालू जंगल की ओर भाग गया। घटना की जानकारी तुरंत वन विभाग और राजस्व उप निरीक्षक को दी गई।
स्थानीय लोगों की मदद से घायल को निजी वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थराली लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखते हुए उन्हें हायर सेंटर श्रीनगर रेफर कर दिया।
स्थानीय प्रतिक्रिया
ग्राम प्रधान और ग्रामीणों ने बताया कि भालू के लगातार दिखाई देने से लोग घरों से बाहर निकलने से घबराते हैं। कई ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति खतरनाक होती जा रही है। उन्होंने वन विभाग से सुरक्षा बढ़ाने, भालू को पकड़ने और प्रभावित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
अधिकारियों का पक्ष
राजस्व उप निरीक्षक रोबिट सिद्दीकी ने बताया कि उन्हें देर शाम ग्रामीणों से फोन पर सूचना मिली, जिसके बाद राजस्व टीम मौके पर पहुंची और घायल को अस्पताल ले जाया गया। उन्होंने कहा कि भालू ने व्यक्ति के चेहरे और आंख पर गंभीर हमला किया था। मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है और आगे की प्रक्रिया के तहत रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
आगे की स्थिति
स्थानीय लोग लगातार भालू के आतंक से निजात दिलाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते कोई कदम नहीं उठाया गया, तो गांव में किसी बड़ी घटना की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। वन विभाग की टीम को ग्रामीण क्षेत्रों में पेट्रोलिंग बढ़ाने और भालू की गतिविधियों पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।





