
रुद्रप्रयाग: गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के भूगर्भ विभाग की शोध टीम को रुद्रप्रयाग जिले के धनपुर–सिदौली क्षेत्र में तांबे के संभावित भंडार के संकेत मिले हैं। हाइपर स्पेक्ट्रम मैपिंग और फील्ड सर्वे के आधार पर जुटाए गए सैंपलों की जांच जारी है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
उत्तराखंड अपनी पौराणिक गुफाओं, भौगोलिक विविधता और खनिज तत्वों की मौजूदगी के लिए जाना जाता है। प्रदेश में तांबा, चुम्बक और अन्य खनिज तत्वों के भंडार समय–समय पर सामने आते रहे हैं। ऐसे में रुद्रप्रयाग जिले में तांबे की उपस्थिति ने खनिज अनुसंधान को नई दिशा दी है।
शोध टीम ने कैसे किया पता?
गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय (HNBGU) के भूगर्भ विभाग ने रिमोट सेंसिंग की हाइपर स्पेक्ट्रम मैपिंग का उपयोग कर धनपुर क्षेत्र में खनिज संकेतों की पहचान की। इसके बाद टीम ने फील्ड सर्वे के दौरान पहाड़ी कटान में दिख रही चट्टानों का भूगर्भीय अध्ययन किया। चट्टानों में धात्विक चमक और तांबे से जुड़े खनिजों के संकेत मिलने के बाद सैंपल एकत्रित किए गए, जिनकी गुणवत्ता की जांच चल रही है।
शोध छात्रा पल्लवी उनियाल ने यह अध्ययन विभागाध्यक्ष प्रोफेसर एम.पी.एस. बिष्ट के निर्देशन में किया है।
ऐतिहासिक संदर्भ
टीम के अनुसार धनपुर क्षेत्र में 1950 के दशक में तांबे की माइनिंग होती थी। स्थानीय लोग भी उस समय अपनी जरूरत के लिए तांबा निकालते थे। इसी जानकारी पर विशेषज्ञों ने क्षेत्र में अन्य हिस्सों में भी तांबे की उपस्थिति को लेकर सर्वे किया और स्पेक्ट्रो-रेडियोमीटर से संकेतों की पुष्टि की।
यह पहली बार है जब इस इलाके में रिमोट सेंसिंग तकनीक का उपयोग खनिज खोज के लिए किया गया है।
विशेषज्ञों की राय
खनिज विशेषज्ञों का मानना है कि अगर तांबे के भंडार की पुष्टि होती है, तो इसका लाभ स्थानीय अर्थव्यवस्था, ग्रामीण रोजगार और भविष्य की औद्योगिक गतिविधियों को मिल सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार राज्य में धात्विक खनिजों की पहचान अब तक सीमित रही है, ऐसे में यह खोज बड़ी उपलब्धि साबित हो सकती है।
उत्तराखंड में तांबे की परंपरा
अल्मोड़ा को ऐतिहासिक रूप से “ताम्र नगरी” के रूप में जाना जाता रहा है, जहां सदियों पुरानी तांबे के बर्तनों की पारंपरिक कारीगरी आज भी जारी है। सबसे बड़ा ज्ञात तांबा भंडार चंपावत जिले के लधियाघाटी क्षेत्र में होने की संभावना मानी जाती है, जहां पूर्व में भू–वैज्ञानिक सर्वेक्षण किया जा चुका है।
आगे क्या?
HNBGU की शोध टीम सैंपलों की जांच रिपोर्ट तैयार कर रही है। जांच पूरी होने के बाद खनिज की मात्रा, गुणवत्ता और भविष्य की संभावनाओं को लेकर विस्तृत रिपोर्ट संबंधित विभागों को भेजी जाएगी।






