
उत्तरकाशी: जनपद में आबादी क्षेत्र में भालू और गुलदार के लगातार बढ़ते हमलों से ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। मंगलवार शाम को अस्सी गंगा घाटी के सेकू गांव में खेतों में काम कर रही 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला पर भालू ने हमला कर दिया। हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। ग्रामीणों ने किसी तरह भालू को भगाकर महिला को अस्पताल पहुंचाया, जहां से उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
पिछले कुछ महीनों से उत्तरकाशी जिले के ग्रामीण इलाकों में जंगली जानवरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। अस्सी गंगा घाटी और उसके आस-पास के गांवों में भालू और गुलदार के कई बार लोगों पर हमला करने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। लोगों ने वन विभाग से बार-बार गश्त और रोकथाम की मांग की है, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।
घटना का विवरण
मंगलवार शाम सेकू गांव निवासी 70 वर्षीय प्यारदेई खेतों में काम कर रही थीं। इसी दौरान अचानक झाड़ियों से निकले भालू ने उन पर हमला कर दिया। हमले में महिला के चेहरे और आंख के नीचे गहरी चोटें आईं। आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाकर किसी तरह भालू को वहां से भगाया और महिला को उसके चंगुल से छुड़ाया। घायल अवस्था में ग्रामीणों ने निजी वाहन से महिला को जिला अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल में इलाज
सीएमएस डॉ. पी.एस. पोखरियाल ने बताया कि — “भालू के हमले से महिला का चेहरा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ है और आंख के नीचे का हिस्सा पूरी तरह कट गया है। उनका काफी खून बह चुका था। प्राथमिक उपचार के बाद खून चढ़ाकर उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया है।”
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला अस्पताल में वन विभाग के कर्मचारी भी पहुंचे।
वन विभाग पर लापरवाही के आरोप
घटना के बाद स्थानीय लोगों में गुस्सा देखने को मिला। ग्रामीण धर्मेंद्र पंवार, संजय पंवार, चतर सिंह और राजेंद्र ने आरोप लगाया कि
“घटना की सूचना देने के लिए कई बार वन विभाग के अधिकारियों को फोन किया गया, लेकिन किसी ने कॉल रिसीव नहीं की। पहले भी जब गांव में जानवरों का हमला हुआ था, तब भी अफसरों ने फोन नहीं उठाया।”
ग्रामीणों का कहना है कि विभाग की निष्क्रियता के कारण क्षेत्र में भालुओं के हमले बढ़ रहे हैं।
वन विभाग का पक्ष
रेंज अधिकारी मुकेश रतूड़ी ने बताया — “महिला पर भालू ने हमला किया है। सूचना मिलते ही कर्मचारियों को अस्पताल भेजा गया। विभाग लगातार क्षेत्र में गश्त कर रहा है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।”
रेंज अधिकारी ने यह भी कहा कि भालुओं की बढ़ती गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और जल्द ही क्षेत्र में ट्रैकिंग टीम भेजी जाएगी।
ग्रामीणों ने मांग की है कि अस्सी गंगा घाटी और आसपास के गांवों में भालू और गुलदार की आवाजाही रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। साथ ही वन विभाग की तैनाती और रात में गश्त बढ़ाने की मांग उठाई गई है।





