
गैरसैंण: उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी भूषण ने शुक्रवार को भराड़ीसैंण (गैरसैंण) स्थित विधानसभा भवन में आयोजित दो दिवसीय संगोष्ठी “स्थायी रोजगार सृजन — विकसित उत्तराखंड का आधार” का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। यह आयोजन अंतरराष्ट्रीय संसदीय अध्ययन, शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान के तत्वावधान में हो रहा है, जिसका उद्देश्य युवाओं को रोजगार मांगने के बजाय रोजगार सृजन की संस्कृति से जोड़ना और उन्हें उद्यमिता के व्यावहारिक अनुभवों से परिचित कराना है।
सांस्कृतिक शुरुआत और युवा सहभागिता
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना से हुई, जिसे गैरसैंण महाविद्यालय की छात्राओं ने प्रस्तुत किया। इसके बाद नंदप्रयाग के लोक कलाकार हरीश भारती ने पारंपरिक मुखौटा नृत्य से सभी का मन मोह लिया।
उद्घाटन सत्र में कोटद्वार, गैरसैंण और कर्णप्रयाग महाविद्यालयों के छात्रों ने “मेरे सपनों का उत्तराखंड” विषय पर अपने विचार रखे और राज्य के भविष्य की संभावनाओं पर गहन चर्चा की।
पहला दिन — पर्यटन, उद्योग और संस्कृति पर केंद्रित रहा
संगोष्ठी के पहले दिन तीन प्रमुख विषयों पर सत्र आयोजित हुए — पर्यटन, उद्योग एवं व्यवसाय, और कला व संस्कृति।
पर्यटन सत्र में यमकेश्वर के अनूप देवरानी (होमस्टे), कोटद्वार के राजीव बिष्ट (नेचर गाइड), ऋषिकेश की मंजू शर्मा (टूर ऑपरेटर) और चकराता के अंकित तोमर (रिसॉर्ट संचालन) ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में पर्यटन तेजी से स्थायी रोजगार का स्तंभ बन रहा है और युवा इस दिशा में अपार अवसर तलाश सकते हैं।
उद्योग एवं व्यवसाय सत्र में रानीखेत की चयनिका बिष्ट (हिल क्राफ्ट), देहरादून के कर्नल विकास गुसाईं (स्वयं सहायता समूह), रुद्रप्रयाग के दीपक सिंह (फूड प्रोसेसिंग) और आईटी क्षेत्र के शौर्य बिष्ट ने बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद पर्वतीय क्षेत्रों में उद्यमिता और नवाचार की संभावनाएं मजबूत हैं।
कला एवं संस्कृति सत्र में लोक कलाकार हरीश भारती, शिल्पकार दर्शन लाल और वॉल आर्टिस्ट मुकुल बड़ूनी ने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म और पर्यटन के विस्तार ने उत्तराखंड की लोककला को भी स्थायी रोजगार का नया आधार दिया है।
युवाओं को मिला नया दृष्टिकोण
सत्रों में गैरसैंण, कर्णप्रयाग और कोटद्वार पीजी कॉलेज के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की। वक्ताओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि कैसे सीमित संसाधनों में भी अवसरों की पहचान कर युवा स्वरोजगार की दिशा में अग्रसर हो सकते हैं।
छात्रों ने भी संगोष्ठी से प्रेरणा लेकर भविष्य में उद्यमिता अपनाने और रोजगार सृजन की दिशा में कार्य करने का संकल्प लिया।
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी का संदेश
समापन सत्र में विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी भूषण ने कहा,
“उत्तराखंड जैसे युवा राज्य को ऐसे व्यावहारिक मंचों की जरूरत है जो युवाओं को नौकरी खोजने के बजाय रोजगार सृजन का दृष्टिकोण दें।”
उन्होंने कहा कि यह संगोष्ठी प्रदेश के युवाओं को सीख, नेटवर्किंग और अवसर प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
“युवा शक्ति ही विकसित उत्तराखंड का आधार बनेगी। रोजगार देने वाला युवा ही सच्चे अर्थों में राज्य के विकास का प्रतीक होगा।”
भविष्य की दिशा — आत्मनिर्भर उत्तराखंड की ओर
कार्यक्रम में वक्ताओं ने एकमत होकर कहा कि पर्यटन, उद्योग और संस्कृति के माध्यम से उत्तराखंड स्वरोजगार आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकता है। संगोष्ठी का दूसरा दिन “भविष्य की उद्यमिता नीति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था” पर केंद्रित रहेगा।




