
हरिद्वार: धर्मनगरी हरिद्वार में बुधवार को कार्तिक पूर्णिमा स्नान पर्व पर आस्था और श्रद्धा का अभूतपूर्व सैलाब उमड़ा। ब्रह्ममुहूर्त से ही लाखों श्रद्धालु मोक्षदायिनी गंगा में डुबकी लगाने के लिए हरकी पैड़ी और आसपास के घाटों पर जुटने लगे। पुलिस के अनुसार, शाम तक 26.36 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र गंगा में स्नान किया, जिससे पूरे दिन हरिद्वार “हर हर गंगे” के जयकारों से गूंजता रहा।
ठंड में भी नहीं थमा श्रद्धालुओं का उत्साह
सुबह की ठंडी हवाओं और सर्द मौसम के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह देखने लायक था। सुबह 6 बजे से ही हरकी पैड़ी ब्रह्मकुंड, मालवीय घाट, सुभाष घाट, बिरला घाट और कुशावर्त घाट पर आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा।
लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान के बाद दान-पुण्य, देवदर्शन और पूजन-अर्चन किया। शाम के समय जब गंगा आरती हुई, तो दीपों की झिलमिलाहट से घाट परिसर स्वर्गिक आभा से नहा गया। श्रद्धालुओं ने अपने परिजनों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
हाईवे पर रेंगते रहे वाहन, घंटों तक लगा जाम
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण दिल्ली-हरिद्वार हाईवे पर वाहनों का दबाव पूरे दिन बना रहा। बहादराबाद से लेकर शंकराचार्य चौक, चंडी घाट, पंतद्वीप पार्किंग और लक्सर रोड तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं।
पंतद्वीप, खड्डा पार्किंग और बैरागी कैंप वाहनों से पूरी तरह भर गए। कई श्रद्धालु घंटों तक जाम में फंसे रहे, वहीं दोपहिया वाहन चालकों ने गलियों और फुटपाथों से निकलने की कोशिश की, लेकिन भीड़ इतनी अधिक थी कि वहां भी जाम लग गया। रात तक स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो सकी।
चाक-चौबंद रही सुरक्षा व्यवस्था
भारी भीड़ के बीच पुलिस और प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सतर्क रही। एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल स्वयं हरकी पैड़ी क्षेत्र में पहुंचे और व्यवस्था की निगरानी की। उनके साथ एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह, सीओ यातायात संजय चौहान और सीपीयू प्रभारी हितेश कुमार भी मौके पर मौजूद रहे।
भीड़ नियंत्रण और जाम से निपटने के लिए अतिरिक्त ट्रैफिक फोर्स, क्रेन और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई थी। स्नान पर्व के दौरान पुलिस, पीएसी, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें लगातार घाटों और सड़कों पर तैनात रहीं।
घर लौटने में श्रद्धालुओं को हुई भारी परेशानी
स्नान पर्व के बाद हरिद्वार से घर लौटने वाले श्रद्धालुओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बस अड्डों और रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की अभूतपूर्व भीड़ उमड़ पड़ी। दिल्ली, मेरठ, गुड़गांव, सहारनपुर और पलवल जाने वाले यात्रियों को घंटों तक बस का इंतजार करना पड़ा।
जैसे ही कोई बस आई, श्रद्धालु उस पर चढ़ने के लिए दौड़ पड़े, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई। रेलवे स्टेशन पर भी जनरल बोगियां पूरी तरह भरी रहीं और यात्रियों को खड़े होकर सफर करना पड़ा।







