
हल्द्वानी: उत्तराखंड की राजनीति में बयानबाजी का दौर एक बार फिर तेज हो गया है। कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें “भ्रष्टाचार का दूसरा नाम” बताया। हल्द्वानी में आयोजित उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस कार्यक्रम में मंत्री उनियाल ने मंच से कहा कि हरीश रावत के शासनकाल में शराब, खनन और स्थानांतरण माफिया फले-फूले।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
राज्य में आगामी लोकसभा चुनावों की तैयारी के बीच कांग्रेस और भाजपा नेताओं के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल हाल के दिनों में कांग्रेस और विशेषकर हरीश रावत पर लगातार निशाना साध रहे हैं। हाल ही में उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री को “राजनीति से संन्यास लेकर राम भजने” की सलाह दी थी। अब हल्द्वानी में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने फिर से सीधा हमला बोला है।
हरीश रावत पर लगाए आरोप
उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस कार्यक्रम के दौरान बोलते हुए सुबोध उनियाल ने कहा —
“भ्रष्टाचार का दूसरा नाम हरीश रावत है। चाहे शराब माफिया हो, खनन माफिया हो या स्थानांतरण उद्योग — उनके शासन में सब फले-फूले। जिस व्यक्ति के समय में विधायकों की खरीद-फरोख्त हुई, उसे भ्रष्टाचार पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है।”
मंत्री ने आगे कहा कि पिछली सरकारों में भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद अपने चरम पर था, जबकि वर्तमान सरकार पारदर्शिता और जनसेवा के सिद्धांतों पर काम कर रही है।
वर्तमान सरकार पर भरोसा जताया
सुबोध उनियाल ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा, “धामी सरकार जनता के भरोसे पर खरी उतरेगी। हमने उत्तराखंड को भ्रष्टाचारमुक्त, पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन देने का संकल्प लिया है।”
विश्वविद्यालय स्थापना दिवस का आयोजन
हल्द्वानी में शुक्रवार को उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय (UOU) के स्थापना दिवस पर एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने विश्वविद्यालय परिवार को बधाई दी और कहा कि मुक्त विश्वविद्यालय ने बीते 20 वर्षों में डिजिटल और ओपन एजुकेशन के क्षेत्र में नई पहचान बनाई है।
भाषा, साहित्य और संस्कृति का संगम
कार्यक्रम के दौरान परिसर में द्वि-दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी और पुस्तक मेला भी आयोजित किया गया, जिसमें राज्यभर से साहित्यकार, छात्र और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। इस दौरान उत्तराखंड की संस्कृति, भाषा और लोकपरंपराओं पर विशेष सत्र आयोजित किए गए। मंत्री उनियाल ने कहा कि यह विश्वविद्यालय प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश और विदेश में भी शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना चुका है।
सियासी प्रतिक्रिया की संभावना
सुबोध उनियाल के इस बयान से प्रदेश की राजनीति में हलचल मच गई है। कांग्रेस की ओर से अभी कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक पार्टी नेता इस बयान को “राजनीतिक हताशा” बता सकते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान आने वाले दिनों में भाजपा और कांग्रेस के बीच टकराव को और बढ़ा सकता है।







