
उत्तरकाशी। भटवाड़ी विकासखंड के ओंगी गांव से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। रविवार देर शाम जंगल में घास लेने गई एक महिला पर भालू ने अचानक हमला कर दिया। हमले से बचने के प्रयास में महिला फिसलकर पहाड़ी से नीचे गिर गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की जानकारी मिलते ही गांव के लोग मौके पर पहुंचे और महिला के शव को गांव तक लाया गया। इस घटना से पूरे क्षेत्र में भालू के आतंक को लेकर दहशत फैल गई है।
घटना का पूरा विवरण
गांव के प्रधान सतीश रावत ने बताया कि मृतका विनीता राणा (37 वर्ष) पत्नी सतेंद्र राणा रविवार को रोज की तरह जंगल में घास लेने गई थीं। इस दौरान अचानक झाड़ियों से निकले एक भालू ने उन पर हमला कर दिया।
भालू से बचने के लिए विनीता ने भागने की कोशिश की, लेकिन घबराहट में पैर फिसलने से वह पहाड़ी से नीचे गिर गईं। गिरने के दौरान उन्हें गंभीर चोटें आईं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
ग्रामीणों ने तुरंत घटना की सूचना राजस्व उपनिरीक्षक और वन विभाग को दी। सोमवार को विनीता का अंतिम संस्कार उनके पैतृक घाट पर किया गया।
भालू का आतंक बना हुआ है
प्रधान सतीश रावत ने बताया कि ओंगी गांव समेत आसपास के कई गांवों में लंबे समय से भालू का आतंक बना हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि भालू अब घरों के आसपास तक पहुंचने लगा है, जिससे महिलाएं और बच्चे जंगल जाने से डर रहे हैं।
करीब 15–20 दिन पहले डीएफओ को लिखित शिकायत देकर ग्रामीणों ने गश्त बढ़ाने और भालू को पकड़ने की मांग की थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
वन विभाग की प्रतिक्रिया
घटना की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। रेंज अधिकारी बाड़ाहाट, मुकेश रतूड़ी ने बताया —
“प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि महिला की मौत सीधे भालू के हमले से हुई या बचने के दौरान गिरने से। विभाग ने क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है और भालू को भगाने के लिए पटाखे जलाने व अलार्म लगाने का कार्य जारी है।”
गांव में मातम और नाराज़गी दोनों
घटना के बाद गांव में मातम का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि वन विभाग ने समय रहते कार्रवाई की होती, तो यह हादसा टल सकता था। लोग अब मांग कर रहे हैं कि पीड़ित परिवार को मुआवजा दिया जाए और क्षेत्र में भालू को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।







