
मसूरी: पर्यटन नगरी मसूरी से देहरादून और यमुनोत्री के लिए रोडवेज बसें, जो पिछले एक महीने से बंद थीं, आखिरकार 18 अक्टूबर से फिर शुरू हो गईं। स्थानीय लोगों और आंदोलनकारियों के लगातार दबाव और उग्र आंदोलन की चेतावनी के बाद प्रशासन ने सुबह 10 बजे से बस सेवाएं शुरू कीं। हालांकि, जनता ने खराब सड़कों और बसों के बंद होने के कारणों पर सवाल उठाए और लोक निर्माण विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया।
बस सेवा शुरू होने की पृष्ठभूमि
पिछले एक महीने से मसूरी-देहरादून और मसूरी-यमुनोत्री रूट पर रोडवेज बसें बंद थीं। प्रशासन ने इसका कारण खराब सड़क बताया था, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की हालत पहले जैसी ही है। स्थानीय निवासी रमेश भट्ट ने कहा, “सड़क की हालत में कोई बदलाव नहीं हुआ। फिर बसें क्यों बंद थीं? प्रशासन जवाब दे।”
2024 की एक परिवहन रिपोर्ट के अनुसार, मसूरी में खराब सड़कों के कारण 20% यात्री परिवहन सेवाएं प्रभावित हुई थीं, जिसने इस आंदोलन को और प्रासंगिक बनाया।
जनता का आंदोलन और दबाव
शनिवार को रोडवेज ऑफिस पर बड़े धरने की योजना थी। सुबह जब लोग वहां पहुंचे, तो बसें पहले ही शुरू हो चुकी थीं। आंदोलनकारियों ने फिर भी एक सभा की और जोरदार नारेबाजी के साथ प्रशासन को चेतावनी दी कि अगर बस सेवाएं दोबारा रुकीं, तो उग्र आंदोलन होगा।
सभा में तीन प्रमुख मांगें रखी गईं:
- नियमित बस सेवा: मसूरी और यमुनोत्री के लिए रोडवेज बसें नियमित रूप से चलें।
- पास की मान्यता: छोटी बसों में सभी प्रकार के यात्री पास मान्य हों।
- सड़क मरम्मत: लोक निर्माण विभाग एक हफ्ते में मसूरी रोड को पूरी तरह दुरुस्त करे।
ज्ञापन और चेतावनी
सभा के बाद प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम मसूरी के माध्यम से जिलाधिकारी को तीन सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। इसमें मांगों को स्पष्ट करते हुए कहा गया कि अगर एक हफ्ते में सुधार नहीं हुआ, तो बड़ा आंदोलन होगा। आंदोलनकारी अनिल रावत ने कहा, “खराब सड़कों से व्यापार, बच्चों की पढ़ाई, और पर्यटन प्रभावित हो रहा है। प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी होगी।”
2024 में मसूरी में खराब सड़कों के कारण 15% पर्यटक यातायात प्रभावित हुआ, जिससे स्थानीय व्यापारियों को 10 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
प्रशासन ने धरने के दबाव में बस सेवाएं शुरू कीं, लेकिन सड़क मरम्मत को लेकर कोई ठोस जवाब नहीं दिया। लोक निर्माण विभाग पर सवाल उठे कि एक महीने बाद भी सड़क की स्थिति में सुधार क्यों नहीं हुआ। एसडीएम मसूरी ने आश्वासन दिया कि मांगों पर विचार किया जाएगा, लेकिन स्थानीय लोग तुरंत कार्रवाई चाहते हैं।







