
धर्म डेस्क: दीपावली से एक दिन पहले मनाई जाने वाली छोटी दिवाली, जिसे नरक चतुर्दशी भी कहा जाता है, धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह पर्व कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। इस वर्ष छोटी दिवाली 19 अक्टूबर 2025, रविवार को मनाई जाएगी। मान्यता है कि इस दिन घर के मुख्य द्वार पर यमराज के नाम का चौमुखा दीपक जलाने से अकाल मृत्यु का भय समाप्त होता है और घर से नकारात्मक ऊर्जाएं नष्ट होती हैं।
विशेष ग्रह संयोग: बृहस्पति का कर्क राशि में गोचर
इस बार छोटी दिवाली के दिन बृहस्पति (गुरु) का कर्क राशि में प्रवेश एक विशेष खगोलीय संयोग बना रहा है, जो इस पर्व के शुभ प्रभाव को और बढ़ाएगा। दृक पंचांग के अनुसार, बृहस्पति का यह राशि परिवर्तन 19 अक्टूबर 2025 को दोपहर 12:57 बजे होगा। यह गोचर कुछ राशियों के लिए अत्यंत लाभकारी रहेगा। निम्नलिखित तीन राशियों पर बृहस्पति की विशेष कृपा बरसेगी:
1. मिथुन राशि
मिथुन राशि वालों के लिए बृहस्पति का गोचर शुभता और समृद्धि लेकर आएगा।
- विवाह और रिश्ते: विवाह या रिश्तों में रुकावटें दूर होंगी। परिवार में कोई खास व्यक्ति प्रवेश कर सकता है, जिससे सुख और उत्साह का माहौल बनेगा।
- करियर: नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां और प्रमोशन के अवसर मिल सकते हैं। व्यापारियों को आकस्मिक धन लाभ और नई योजनाओं में सफलता मिलेगी।
- पारिवारिक जीवन: संतान से सुख और वैवाहिक जीवन में सामंजस्य बढ़ेगा। निवेश के लिए यह समय अनुकूल रहेगा।
2. कन्या राशि
कन्या राशि के जातकों के लिए यह गोचर उन्नति और सम्मान का प्रतीक है।
- कार्यक्षेत्र: नौकरी में प्रमोशन या अनुकूल ट्रांसफर की संभावना। नई नौकरी की तलाश में लगे लोगों को शुभ समाचार मिल सकता है।
- शिक्षा: प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए यह समय बेहद अनुकूल रहेगा।
- प्रेम और आत्मविश्वास: प्रेम जीवन में मिठास बढ़ेगी और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। लक्ष्य प्राप्ति और आत्मविकास के लिए यह अवधि उपयुक्त है।
3. मकर राशि
मकर राशि वालों के लिए छोटी दिवाली का दिन भाग्य उदय का संकेत दे रहा है।
- करियर: कार्यक्षेत्र में नई संभावनाएं और वेतन वृद्धि के योग बनेंगे। कला, शिक्षा, या रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों को विशेष सफलता मिलेगी।
- सामाजिक प्रतिष्ठा: समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा और उपयोगी संपर्कों का लाभ मिलेगा।
- आर्थिक स्थिति: रुका हुआ धन वापस मिलने की संभावना। विदेश से जुड़े कार्यों में प्रगति होगी।
नरक चतुर्दशी का महत्व
नरक चतुर्दशी का पर्व न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह आध्यात्मिक शुद्धि और नकारात्मकता को दूर करने का प्रतीक भी है। इस दिन यम दीपक जलाने की परंपरा से परिवार की सुरक्षा और समृद्धि की कामना की जाती है। इस बार बृहस्पति के कर्क राशि में गोचर के साथ यह पर्व और भी शुभ हो गया है।
शुभता और समृद्धि का पर्व
छोटी दिवाली 2025 पर बृहस्पति का गोचर मिथुन, कन्या, और मकर राशि वालों के लिए विशेष रूप से लाभकारी रहेगा। यह पर्व धार्मिक अनुष्ठानों और ग्रहों के शुभ संयोग के साथ नई शुरुआत का अवसर प्रदान करेगा। सभी लोग इस दिन दीप प्रज्वलन और पूजा-अर्चना कर अपने जीवन में सकारात्मकता और समृद्धि ला सकते हैं।






