
धर्म डेस्क: दीपावली, हिंदू धर्म का सबसे भव्य और महत्वपूर्ण पर्व, रोशनी, समृद्धि और खुशियों का प्रतीक है। हर साल कार्तिक अमावस्या को मनाया जाने वाला यह त्योहार बुराई पर अच्छाई और अंधकार पर प्रकाश की विजय का उत्सव है। पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान श्रीराम ने रावण पर विजय प्राप्त कर 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या लौटने पर नगरवासियों ने दीपों से शहर को सजाया था। तभी से दीपावली का पर्व सत्य और प्रकाश के उत्सव के रूप में मनाया जाता है। यह पांच दिवसीय उत्सव धनतेरस से शुरू होकर भाई दूज तक चलता है। आइए जानते हैं धनतेरस, छोटी दीपावली, दीपावली, गोवर्धन पूजा और भाई दूज 2025 की तिथियां, शुभ मुहूर्त और प्रत्येक दिन के महत्व के बारे में।
दीपावली 2025: पांच दिवसीय उत्सव और तिथियां
दीपावली का उत्सव पांच दिनों तक चलता है, प्रत्येक दिन की अपनी विशेष परंपराएं और महत्व हैं। नीचे 2025 में दीपावली के पांच दिनों की तिथियां और शुभ मुहूर्त दिए गए हैं:
1. धनतेरस 2025 (18 अक्टूबर)
तिथि और समय: पंचांग के अनुसार, कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 18 अक्टूबर 2025 को दोपहर 12:18 बजे शुरू होगी और 19 अक्टूबर को दोपहर 1:51 बजे समाप्त होगी। इसलिए, धनतेरस 18 अक्टूबर को मनाया जाएगा।
शुभ मुहूर्त (खरीदारी के लिए):
- सुबह: 08:50 से 10:33 तक
- दोपहर: 11:43 से 12:28 तक
- शाम: 19:16 से 20:20 तक
महत्व: धनतेरस पर मां लक्ष्मी, भगवान कुबेर और धन्वंतरि की पूजा की जाती है। इस दिन सोना, चांदी, बर्तन और अन्य शुभ वस्तुओं की खरीदारी करना शुभ माना जाता है, जो घर में धन-समृद्धि लाता है।
2. छोटी दीपावली 2025 (19 अक्टूबर)
तिथि और समय: छोटी दीपावली 19 अक्टूबर 2025 को मनाई जाएगी।
शुभ मुहूर्त (पूजा के लिए):
- रात: 23:41 से 00:31 (20 अक्टूबर)
महत्व: इस दिन हनुमान जी की पूजा विशेष रूप से शुभ होती है, जो बल और निडरता प्रदान करती है। साथ ही, घर के मुख्य द्वार पर यम देव के लिए चारमुखी दीपक जलाने की परंपरा है, जो नकारात्मक ऊर्जा को दूर करती है।
3. दीपावली 2025 (20 अक्टूबर)
तिथि और समय: कार्तिक अमावस्या 20 अक्टूबर 2025 को दोपहर 15:44 से शुरू होगी और 21 अक्टूबर को शाम 17:54 तक रहेगी। चूंकि लक्ष्मी पूजन सूर्यास्त के बाद किया जाता है, इसलिए दीपावली 20 अक्टूबर को मनाई जाएगी।
शुभ मुहूर्त (पूजा के लिए):
- शाम: 19:08 से 20:18 तक
- निशिता काल: 23:41 से 00:31 (21 अक्टूबर)
महत्व: यह दीपावली का मुख्य दिन है, जब मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है। दीप जलाकर, मिठाइयां बांटकर और आतिशबाजी के साथ यह पर्व मनाया जाता है। यह दिन सत्य, प्रकाश और समृद्धि का प्रतीक है।
4. गोवर्धन पूजा 2025 (22 अक्टूबर)
तिथि और समय: कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 21 अक्टूबर को शाम 17:54 से शुरू होगी और 22 अक्टूबर को रात 20:16 तक रहेगी। इसलिए, गोवर्धन पूजा 22 अक्टूबर 2025 को मनाई जाएगी।
शुभ मुहूर्त (पूजा के लिए):
- दोपहर: 15:13 से 17:49 तक
महत्व: गोवर्धन पूजा, जिसे अन्नकूट पर्व भी कहते हैं, भगवान कृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत उठाने की स्मृति में मनाई जाती है। इस दिन अन्नकूट बनाकर भगवान को भोग लगाया जाता है, जो धन-धान्य में वृद्धि लाता है।
5. भाई दूज 2025 (23 अक्टूबर)
तिथि और समय: द्वितीया तिथि 22 अक्टूबर 2025 को रात 20:16 से शुरू होगी और 23 अक्टूबर को रात 22:46 तक रहेगी। इसलिए, भाई दूज 23 अक्टूबर को मनाया जाएगा।
शुभ मुहूर्त (तिलक के लिए):
- दोपहर: 13:13 से 15:28 तक
महत्व: भाई दूज भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए तिलक करती हैं।
दीपावली का पौराणिक और आध्यात्मिक महत्व
दीपावली का पर्व त्रेतायुग से जुड़ा है, जब भगवान राम ने रावण पर विजय प्राप्त कर अयोध्या लौटने पर दीपों से नगर को सजाया गया था। यह पर्व बुराई पर अच्छाई और अंधकार पर प्रकाश की जीत का प्रतीक है। मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा से घर में धन, समृद्धि और खुशियां आती हैं। यह उत्सव हमें आंतरिक अज्ञानता को दूर कर ज्ञान और सकारात्मकता की ओर बढ़ने की प्रेरणा देता है।
दीपावली 2025 के लिए विशेष टिप्स
- घर की सजावट: दीपावली से पहले घर की सफाई करें और रंगोली, दीपों और फूलों से सजाएं।
- लक्ष्मी पूजन: पूजा उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में करें। नई मूर्तियों का उपयोग करें और लाल रंग की वस्तुएं अर्पित करें।
- शंख और स्वास्तिक: पूजा में शंख बजाएं और रोली से स्वास्तिक बनाएं।
- आम के पत्तों का तोरण: मुख्य द्वार पर गेंदे के फूलों और आम के पत्तों का तोरण लगाएं।
धनतेरस, छोटी दीपावली, दीपावली, गोवर्धन पूजा और भाई दूज 2025 का यह पांच दिवसीय उत्सव 18 अक्टूबर से शुरू होकर 23 अक्टूबर तक चलेगा। प्रत्येक दिन के शुभ मुहूर्त का पालन कर पूजा और खरीदारी करें, ताकि मां लक्ष्मी की कृपा से आपका घर धन-धान्य और खुशियों से भरा रहे। यह पर्व न केवल बाहरी रोशनी का, बल्कि आंतरिक प्रकाश और सकारात्मकता का भी उत्सव है। शुभ दीपावली!






