
देहरादून: राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के पास पीजी हॉस्टल में देर रात पार्टी और हुड़दंग करने वाले मेडिकल छात्रों पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। अनुशासनहीनता और सुरक्षा चूक के चलते एक छात्र को हॉस्टल से निष्कासित किया गया और उस पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। अन्य छात्रों पर 5,000 रुपये प्रति छात्र का आर्थिक दंड लगाया गया। इसके अलावा, हॉस्टल के सुरक्षा गार्ड कमांडर को हटाया गया और अन्य सुरक्षाकर्मियों की ड्यूटी बदल दी गई।
घटना: हॉस्टल में देर रात पार्टी और न्यूरो सर्जन से अभद्रता
12 अक्टूबर की देर रात एमकेपी रोड स्थित दून अस्पताल के पास बने पीजी हॉस्टल में एमबीबीएस पीजी छात्र-छात्राओं ने पार्टी आयोजित की।
- हुड़दंग: तेज स्पीकर पर गाने बजाए गए और जमकर हंगामा किया गया।
- न्यूरो सर्जन से अभद्रता: पार्टी को रोकने आए एक न्यूरो सर्जन के साथ छात्रों ने दुर्व्यवहार किया।
घटना के वीडियो फुटेज के आधार पर मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की।
प्रशासन की कार्रवाई
दून अस्पताल के डिप्टी मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. एनएस बिष्ट की अध्यक्षता में गठित जांच समिति ने इसे अनुशासनहीनता और सुरक्षा चूक माना। प्रमुख निष्कर्ष और कार्रवाई:
- छात्रों की स्वीकारोक्ति: छात्र-छात्राओं ने अपनी गलती स्वीकार की और पुलिस से लिखित में भविष्य में ऐसी हरकत न करने की याचना की।
- निष्कासन और जुर्माना:
- एक छात्र, जिसने न्यूरो सर्जन से अभद्रता की, को हॉस्टल से निष्कासित किया गया और 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। उसे शपथ पत्र देना पड़ा कि दोबारा गलती होने पर मेडिकल कॉलेज से निष्कासित किया जाएगा।
- अन्य शामिल छात्र-छात्राओं पर 5,000 रुपये प्रति व्यक्ति का जुर्माना।
- सुरक्षा कर्मियों पर कार्रवाई: हॉस्टल के गार्ड कमांडर को पद से हटाया गया और अन्य सुरक्षाकर्मियों की ड्यूटी दूसरी जगह स्थानांतरित कर दी गई, क्योंकि उन्होंने हुड़दंग रोकने में कोई कदम नहीं उठाया।
डॉ. एनएस बिष्ट ने कहा:
“छात्रों ने अनुशासनहीनता की और सुरक्षा चूक की। वीडियो फुटेज के आधार पर कार्रवाई की गई है। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्ती बरती जाएगी।”
सामाजिक और प्रशासनिक प्रभाव
- अनुशासन का महत्व: यह घटना मेडिकल कॉलेज जैसे पेशेवर संस्थानों में अनुशासन और जिम्मेदारी की आवश्यकता को दर्शाती है।
- सुरक्षा चूक: हॉस्टल में सुरक्षा कर्मियों की निष्क्रियता गंभीर चिंता का विषय है।
- जागरूकता: छात्रों और हॉस्टल प्रशासन को नियमों का पालन और सुरक्षा मानकों को मजबूत करने की जरूरत है।







