
रामनगर: उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव से एक साल से अधिक समय बाकी होने के बावजूद राजनीतिक बयानबाजी की रंगत तेज हो गई है। मंगलवार को कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत पर तीखा प्रहार किया। उनियाल ने रावत को ‘दुष्ट’ तक कह डाला और उनकी उम्र को देखते हुए ‘वानप्रस्थ’ की सलाह दी। यह बयान हल्द्वानी के एक पौधारोपण कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत में आया। कांग्रेस और BJP के बीच बढ़ते कटाक्ष से राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है।
पौधारोपण कार्यक्रम में तीखी टिप्पणी
कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल मंगलवार को एफटीआई (उत्तराखंड वानिकी प्रशिक्षण अकादमी) परिसर, हल्द्वानी में आयोजित पौधारोपण कार्यक्रम में पहुंचे। कालाढूंगी से BJP विधायक बंशीधर भगत भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में उनियाल ने अधिकारियों के साथ पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
हालांकि, पत्रकारों के एक सवाल पर उनियाल ने पूर्व CM हरीश रावत पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “हरीश रावत मेरे साथी होते तो पार्टी छोड़ने की नौबत क्यों आती? हम एक पार्टी में थे, लेकिन वो कभी हमारे साथी नहीं रहे। दुष्ट लोगों के साथ हमारे संबंध कभी नहीं रहे।”
‘वानप्रस्थ’ की सलाह: तीन चुनावों में हार का जिक्र
उनियाल यहीं नहीं रुके। उन्होंने रावत की उम्र का हवाला देते हुए कहा, “अब उनकी वानप्रस्थ की उम्र हो गई है। उन्हें घर में आराम करके राम का भजन करना चाहिए।” उन्होंने रावत को सलाह देते हुए कहा, “यदि हरीश रावत ने मेरी सलाह पहले मान ली होती तो कम से कम उन्हें तीन चुनावों में हार का सामना न करना पड़ता। 2017 में मैंने कहा था कि संन्यास ले लीजिए, लेकिन वे हार गए। 2022 में भी यही सलाह दी, लेकिन फिर हार। इसलिए अब भी यही सलाह है कि आराम से राम भजें।”
उल्लेखनीय है कि सुबोध उनियाल कभी हरीश रावत की कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे थे, लेकिन बाद में BJP में शामिल हो गए। वे अक्सर कांग्रेस पर तंज कसते नजर आते हैं।
राजनीतिक हलकों में हलचल
यह बयान 2027 चुनाव से पहले BJP और कांग्रेस के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाता है। कांग्रेस नेता रावत अक्सर BJP सरकार पर हमला बोलते हैं, तो BJP की ओर से भी जवाबी कार्रवाई होती है। स्थानीय राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि ऐसी बयानबाजी चुनावी माहौल को गर्म करने का प्रयास है।
कांग्रेस ने उनियाल के बयान की निंदा की है। एक कांग्रेस नेता ने कहा, “यह BJP की पुरानी रणनीति है। रावत जैसे अनुभवी नेता को नीचा दिखाने की कोशिश विफल होगी।” BJP ने उनियाल के बयान को रावत के ‘भ्रमपूर्ण’ बयानों का जवाब बताया।
उनियाल-रावत संबंध
सुबोध उनियाल और हरीश रावत के बीच पुरानी दुश्मनी रही है। उनियाल के BJP में आने के बाद दोनों के बीच तीखे बयानबाजी के कई दौर देखे गए। 2017 और 2022 चुनावों में रावत की हार पर उनियाल ने कई बार टिप्पणियां की हैं। यह बयान उन सिलसिले का हिस्सा लगता है।
राजनीतिक हलचल के बीच पर्यावरण कार्यक्रम में उनियाल का फोकस पौधारोपण पर रहा, लेकिन राजनीतिक टिप्पणी ने सुर्खियां बटोर लीं।






