
हरिद्वार: शारदीय कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार क्षेत्र में सोमवार को उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में सवार कांवड़ यात्रियों का एक जत्था निर्धारित रूट मानने से इनकार करते हुए चंडी पुल से शहर में प्रवेश की जिद पर अड़ गया। पुलिस द्वारा बार-बार समझाने के बावजूद श्रद्धालु नहीं माने, जिससे नोंकझोंक की स्थिति बन गई और हाईवे पर लंबा जाम लग गया। हालांकि, मौके पर पहुंचे अधिकारियों की मशक्कत के बाद यात्रियों को दूसरे मार्ग से रवाना कराया गया। इसी बीच कांवड़ मार्गों पर बढ़ती भीड़ और स्वास्थ्य सेवाओं की कमी को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
सोमवार को ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में सवार कांवड़ यात्री तिरछे पुल पर पहुंचे थे। सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के तहत पुलिस ने उन्हें पूर्व निर्धारित मार्ग से भेजने का प्रयास किया, लेकिन श्रद्धालु चंडी पुल से सीधे शहर में जाने पर अड़े रहे। रूट डायवर्जन को लेकर हुई बहस के कारण कुछ देर के लिए स्थिति अव्यवस्थित हो गई।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और कांवड़ यात्रियों को सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए शांत कराया। कड़ी मशक्कत के बाद यात्रियों को तिरछे पुल से गौरीशंकर पार्किंग की ओर भेजा गया, जिसके बाद यातायात धीरे-धीरे सामान्य हुआ।
चंडी चौकी प्रभारी नवीन चौहान ने बताया कि स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया है और यातायात व्यवस्था को दुरुस्त कर दिया गया है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों और वाहन चालकों का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान इस तरह के रूट विवाद से आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। लोगों ने मांग की कि रूट और डायवर्जन की जानकारी पहले से स्पष्ट रूप से दी जाए, ताकि जाम जैसी स्थिति न बने।
कांवड़ यात्रियों का जनसैलाब, स्वास्थ्य सेवाएं नदारद
शारदीय कांवड़ यात्रा जैसे-जैसे चरम पर पहुंच रही है, हरिद्वार–नजीबाबाद हाईवे और कांवड़ मार्गों पर शिवभक्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। केसरिया रंग में रंगे मार्गों पर श्रद्धालुओं का सैलाब तो दिख रहा है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाएं जमीन पर नजर नहीं आ रहीं।
पैदल चल रहे कांवड़ियों को पैरों में छाले, अत्यधिक थकान, बुखार, उल्टी, ब्लड प्रेशर और शुगर जैसी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। इसके बावजूद मार्गों पर दूर-दूर तक न तो मेडिकल कैंप दिखाई दे रहे हैं और न ही स्वास्थ्य टीमें।
आगे क्या होगा
स्वास्थ्य सेवाओं की कमी के चलते कांवड़ यात्रियों को मजबूरी में हाईवे से सटे गांवों के निजी अस्पतालों और क्लीनिकों का सहारा लेना पड़ रहा है। ऐसे में अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या प्रशासन समय रहते स्वास्थ्य शिविरों और आपात चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करेगा।
पुलिस प्रशासन अलर्ट, चप्पे-चप्पे पर पहरा
कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। ट्रैफिक डायवर्जन प्लान को सख्ती से लागू किया जा रहा है और हाईवे पर पुलिस की गश्ती टीमें लगातार अलर्ट मोड पर हैं, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
नीलेश्वर महादेव मंदिर में लगा भक्तों का तांता
श्यामपुर–नजीबाबाद मार्ग पर स्थित प्रसिद्ध नीलेश्वर महादेव मंदिर में सोमवार सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। शिवरात्रि के अवसर पर मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया। भगवान शिवलिंग का फलों और सुगंधित फूलों से आकर्षक शृंगार किया गया, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना रहा।
Rishikesh News आगे भी कांवड़ यात्रा और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं की अपडेट देता रहेगा।
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