
ऋषिकेश: नगर निगम ऋषिकेश की आय में इस वित्त वर्ष बड़ा इजाफा होने की संभावना है। सर्विस टैक्स के रूप में नगर निगम की झोली में करीब पांच करोड़ रुपये आने की उम्मीद जताई जा रही है। इसमें एम्स ऋषिकेश से लगभग 3.50 करोड़ रुपये और टीएचडीसी से 1.50 करोड़ रुपये शामिल हैं। नगर निगम प्रशासन की ओर से दोनों केंद्रीय संस्थानों को इसके लिए औपचारिक मांग पत्र भेजे जा चुके हैं।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
नगर निगम के टैक्स अनुभाग की ओर से इन दिनों गृहकर वसूली अभियान तेज किया गया है। इस वित्त वर्ष में 15 हजार उपभोक्ताओं से 2.50 करोड़ रुपये गृहकर वसूली का लक्ष्य रखा गया है। अब तक करीब दो करोड़ रुपये की वसूली हो चुकी है, जबकि शेष राशि प्रतिदिन ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से जमा की जा रही है। इसके साथ ही निगम ने बड़े संस्थानों से मिलने वाले सर्विस टैक्स पर भी फोकस बढ़ाया है।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
नगर निगम प्रशासन की ओर से अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश और टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन को सर्विस टैक्स वसूली के लिए मांग पत्र भेजे गए हैं। दोनों संस्थानों की ओर से संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों को बजट उपलब्ध कराने के लिए पत्राचार किया जा रहा है।
नगर निगम को उम्मीद है कि मार्च के अंत तक यह राशि प्राप्त हो सकती है। निगम प्रशासन का कहना है कि यह टैक्स नगर निगम की स्थापना तिथि से देय है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
नगर निगम से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि यह राशि समय पर मिल जाती है, तो शहर के विकास कार्यों और नागरिक सुविधाओं को मजबूती मिलेगी। स्थानीय नागरिकों को भी उम्मीद है कि बढ़ी हुई आय का उपयोग सड़क, सफाई और बुनियादी ढांचे में किया जाएगा।
आंकड़े और तथ्य
नगर निगम के प्रभारी कर अधीक्षक भारती ने बताया कि
“नगर निगम के गठन की तिथि से ही एम्स ऋषिकेश से 3.50 करोड़ और टीएचडीसी से 1.50 करोड़ रुपये सर्विस टैक्स के रूप में देय हैं। संबंधित केंद्रीय संस्थानों ने इस राशि को अपने बजट में रखा है और उम्मीद है कि इसी वित्तीय वर्ष में यह धनराशि मिल जाएगी।”
जीआईएस सर्वे से जुड़ा मामला
इधर, नगर निगम के 12 वार्डों से संबंधित जीआईएस सर्वे की पत्रावलियों को लेकर वन विभाग की टीम शुक्रवार देर शाम तक निगम कार्यालय में मौजूद रही। राज्य सरकार की ओर से करीब चार महीने पहले नगर निगम के रिहायशी क्षेत्रों का जीआईएस सर्वे कराया गया था। वन विभाग की टीम इन 12 वार्डों से जुड़ी सर्वे फाइलों की प्रतियां अपने साथ ले गई है।
आगे क्या होगा
नगर निगम प्रशासन को जहां सर्विस टैक्स की राशि मिलने का इंतजार है, वहीं जीआईएस सर्वे से जुड़े दस्तावेजों के आधार पर आगे की प्रशासनिक कार्रवाई और समन्वय की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।
Rishikesh News आगे भी इस मामले की अपडेट देता रहेगा।
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