
देहरादून: प्रीति हत्याकांड में पुलिस की ओर से लापरवाही बरते जाने के आरोपों की जांच शुरू कर दी गई है। इस मामले में पहले ही कार्रवाई करते हुए एम्स चौकी प्रभारी को निलंबित किया जा चुका है। अब यह जांच की जा रही है कि क्या समय रहते पुलिस ने शिकायत को गंभीरता से लिया होता, तो इस हत्याकांड को रोका जा सकता था या नहीं। पुलिस मुख्यालय ने पूरे प्रकरण की जांच की जिम्मेदारी एसपी क्राइम को सौंपी है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
बीते 31 जनवरी को शिवाजी नगर में लक्सर निवासी सुरेश गुप्ता ने अपनी तलाकशुदा प्रेमिका प्रीति रावत की गोली मारकर हत्या कर दी थी। वारदात के बाद आरोपी फरार हो गया था, जिसे बाद में पुलिस ने सहारनपुर के छुटमलपुर से गिरफ्तार किया। मृतका के परिजनों का आरोप है कि घटना से पहले उन्होंने सुरेश के खिलाफ एम्स पुलिस चौकी में शिकायत दी थी, लेकिन उस समय पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
हत्याकांड के बाद एसएसपी देहरादून ने एम्स चौकी प्रभारी साहिल वशिष्ट को निलंबित कर दिया था। इसके बाद पुलिस मुख्यालय ने लापरवाही के आरोपों की जांच डॉ. विशाखा अशोक भदाणे को सौंपी है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
परिजनों का कहना है कि यदि पुलिस ने उनकी शिकायत पर समय रहते ठोस कार्रवाई की होती, तो प्रीति की जान बचाई जा सकती थी। स्थानीय लोगों ने भी इस मामले में पुलिस की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
आगे क्या होगा
शनिवार को एसपी क्राइम डॉ. विशाखा अशोक भदाणे शिवाजी नगर पहुंचीं, जहां उन्होंने मृतका के परिजनों से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए। एसपी क्राइम ने बताया कि परिजनों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और जांच जारी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय और कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
Rishikesh News आगे भी इस मामले की अपडेट देता रहेगा।
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