
रुद्रप्रयाग: रुद्रप्रयाग जिले के तिलवाड़ा क्षेत्र में केदारनाथ नेशनल हाईवे के किनारे हो रही कथित अवैध पहाड़ कटाई को लेकर स्थानीय लोगों ने गंभीर आपत्तियां उठाई हैं। आरोप है कि निर्धारित मानकों और पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी करते हुए अंधाधुंध कटिंग की गई, जो लंबे समय तक चलती रही। स्थानीय निवासियों का कहना है कि विभागीय नोटिस और जुर्माना लगाए जाने के बावजूद काम नहीं रुका, जिससे सड़क संरचना, यातायात सुरक्षा और आसपास के इलाकों पर खतरा बढ़ गया है। मामले ने प्रशासनिक निगरानी और कार्रवाई की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
तिलवाड़ा क्षेत्र के लोग बताते हैं कि हाईवे किनारे पहाड़ कटाई के दौरान न तो तय सुरक्षित दूरी का पालन किया गया और न ही पर्यावरणीय बफर जोन को ध्यान में रखा गया। भारी मशीनों के लगातार उपयोग से धूल और मलबा सड़क पर फैल रहा है, जिससे दृश्यता घटने और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ी है। हिमालय जैसे संवेदनशील भू-भाग में भूस्खलन के खतरे को लेकर भी चिंता जताई जा रही है।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
एनएच विभाग के अधिशासी अभियंता ओंकार पांडे ने बताया कि संबंधित ठेकेदार का एनओसी निरस्त करते हुए 2 लाख 5 हजार 178 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। विभाग का कहना है कि नियम उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई की गई है। हालांकि, स्थानीय लोगों का सवाल है कि नोटिस जारी होने के बाद कटिंग कार्य तत्काल प्रभाव से क्यों नहीं रोका गया।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय निवासियों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि इस तरह की कटाई से न केवल सड़क और आसपास के घरों पर खतरा बढ़ता है, बल्कि पूरे क्षेत्र की पर्यावरणीय सुरक्षा पर भी असर पड़ता है। भरदार विकास मंच से जुड़े लोगों ने आरोप लगाया कि मानकों की अनदेखी के साथ कटाई कराई गई और प्रशासनिक स्तर पर समय रहते सख्ती नहीं दिखाई गई।
आंकड़े और तथ्य
स्थानीय लोगों के अनुसार, जहां अन्य क्षेत्रों में कटाई के लिए 24 मीटर का मानक लागू बताया जाता है, वहीं तिलवाड़ा क्षेत्र में इससे अधिक कटिंग होने का आरोप है। जुर्माने की राशि को लेकर भी यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्र में संभावित जोखिमों की भरपाई केवल आर्थिक दंड से संभव है।
आगे क्या होगा
प्रशासन से मांग की जा रही है कि मामले की विस्तृत जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों पर ठोस कार्रवाई की जाए। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो स्थानीय लोगों का कहना है कि भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
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