
चंपावत में मनरेगा का नाम बदलकर वीबी-जी राम जी विधेयक किए जाने के विरोध में कांग्रेस पार्टी का आक्रोश एक बार फिर सड़क पर दिखाई दिया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने डीएम कार्यालय में धरना देने का कार्यक्रम तय किया था, लेकिन जब कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन के लिए आगे बढ़े तो पुलिस प्रशासन ने कार्यालय से करीब 100 मीटर पहले बैरिकेटिंग लगाकर उन्हें रोक दिया। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई। रोके जाने पर कांग्रेसी सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और सरकार व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
कांग्रेस पार्टी मनरेगा के नाम और स्वरूप में किए जा रहे बदलाव का लगातार विरोध कर रही है। पार्टी का कहना है कि मनरेगा मजदूरों को रोजगार की गारंटी देने वाला कानून है, जिसे कमजोर किया जा रहा है। इसी के विरोध में चंपावत में डीएम कार्यालय पर धरना देने की योजना बनाई गई थी।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
पुलिस प्रशासन ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं को डीएम कार्यालय तक जाने से रोक दिया। बैरिकेडिंग के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई और धक्का-मुक्की की नौबत आ गई। प्रशासन की ओर से कहा गया कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए।
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स्थानीय प्रतिक्रिया
प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताई। पूर्व कांग्रेस विधायक हेमेश खर्कवाल ने आरोप लगाया कि सरकार अपने खिलाफ उठने वाली आवाजों को दबाना चाहती है। उन्होंने कहा कि मनरेगा के मूल स्वरूप को खत्म करने के प्रयासों के खिलाफ कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा।
वहीं जिला कांग्रेस अध्यक्ष चिराग फर्त्याल ने कहा कि विपक्ष को बोलने तक नहीं दिया जा रहा है और कांग्रेस डरने वाली नहीं है।
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आंकड़े और तथ्य
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पहले मनरेगा में केंद्र सरकार का 90 प्रतिशत और राज्य का 10 प्रतिशत अंशदान होता था, जिसे बदलकर केंद्र का 60 और राज्य का 40 प्रतिशत कर दिया गया है। कांग्रेस का दावा है कि इससे न तो राज्य के पास पर्याप्त संसाधन होंगे और न ही मजदूरों को पर्याप्त काम मिल पाएगा।
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आगे क्या होगा
कांग्रेस पार्टी ने साफ किया है कि वीबी-जी राम जी विधेयक वापस लिए जाने तक उसका विरोध जारी रहेगा। पार्टी नेताओं ने कहा कि यह संघर्ष सड़क से लेकर सदन तक चलता रहेगा और आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज किया जाएगा।
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