
उत्तरकाशी: मानसून के दौरान बार-बार आपदा का कारण बनने वाले गड्ढूगाड़ कुपड़ा नाले पर अब स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाया गया है। लोक निर्माण विभाग की ओर से यहां 60 मीटर लंबे स्पान का वैली ब्रिज बनाया जाएगा। नाले के उफान और मलबा आने से स्यानाचट्टी-कुपड़ा मार्ग पर बना मोटर पुल क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके चलते बड़कोट तहसील के कुपड़ा, त्रिखली और कुंसाला गांवों की सड़क कनेक्टिविटी प्रभावित हो रही थी। नए पुल के निर्माण से इन गांवों के लोगों को सुरक्षित और सुगम आवाजाही की सुविधा मिलने की उम्मीद है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
बीते मानसून सीजन में उत्तरकाशी जिले में भारी बारिश और आपदाओं ने व्यापक नुकसान पहुंचाया था। गड्ढूगाड़ कुपड़ा नाले में बादल फटने की घटना के बाद पानी के साथ कई फीट मलबा आया, जिससे स्यानाचट्टी-कुपड़ा सड़क पर बना मोटर पुल गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया। पुल के एंबेडमेंट के नीचे कटाव होने से वह हवा में झूलने लगा, जिसके कारण लंबे समय तक इस मार्ग पर आवाजाही पूरी तरह बंद रही। नाले में आए मलबे ने कई बार स्यानाचट्टी क्षेत्र में यमुना नदी का प्रवाह भी बाधित किया था।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
क्षतिग्रस्त पुल के कारण उत्पन्न स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने अस्थायी तौर पर नाले में आए मलबे के ऊपर सड़क बनवाकर वाहनों की आवाजाही शुरू कराई थी। हालांकि बरसात के दौरान यह व्यवस्था भी जोखिम भरी साबित हो रही थी। ग्रामीणों की मांग पर लोक निर्माण विभाग ने अस्थायी तौर पर करीब 100 मीटर लंबी ट्राली लगाई, लेकिन उससे भी खतरा बना रहा। जिला प्रशासन के निर्देशों के बाद अब स्थायी समाधान के रूप में वैली ब्रिज निर्माण का निर्णय लिया गया है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
कुपड़ा, त्रिखली और कुंसाला गांवों के ग्रामीणों का कहना है कि अस्थायी व्यवस्था के चलते हर बारिश में डर बना रहता है। लोगों को उम्मीद है कि वैली ब्रिज बनने से न केवल रोजमर्रा की आवाजाही सुरक्षित होगी, बल्कि आपात स्थिति में भी राहत मिलेगी।
आंकड़े और तथ्य
लोक निर्माण विभाग के अनुसार 98 लाख रुपये की लागत से गड्ढूगाड़ कुपड़ा नाले पर वैली ब्रिज का निर्माण किया जाएगा। यह पुल 60 मीटर लंबे स्पान का होगा, जिससे नाले के उफान और मलबे का असर पुल पर नहीं पड़ेगा।
आगे क्या होगा
लोनिवि बड़कोट के अधिशासी अभियंता तरुण काम्बोज ने बताया कि शासन से स्वीकृति मिलने के बाद निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पंद्रह से बीस दिनों के भीतर पुल निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। विभाग का लक्ष्य आगामी मानसून से पहले इस मार्ग को सुरक्षित बनाना है।







