
चमोली: मां नंदा देवी सिद्धपीठ मंदिर कुरुड की बड़ी जात आयोजन समिति से जुड़े लोगों और पदाधिकारियों ने बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर में जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने कुरुड सिद्धपीठ की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए प्रशासन से तत्काल वार्ता की मांग की। बैठक के लिए बुलाए जाने के बावजूद तय समय तक अधिकारियों के न पहुंचने से समिति के सदस्यों में आक्रोश बढ़ गया।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
मां नंदा देवी सिद्धपीठ कुरुड से जुड़ी धार्मिक परंपराओं और आयोजनों को लेकर प्रशासनिक समन्वय की मांग लंबे समय से उठती रही है। बड़ी जात आयोजन से संबंधित व्यवस्थाओं, मान्यता और सहयोग को लेकर समिति प्रशासन से स्पष्टता चाहती है।
घटना का विवरण
बुधवार को जिला प्रशासन ने बड़ी जात समिति और राजजात समिति के पदाधिकारियों को पूर्वाह्न 11 बजे बैठक के लिए बुलाया था। निर्धारित समय पर बड़ी जात समिति के पदाधिकारी और उनसे जुड़े लोग कलेक्ट्रेट सभागार पहुंच गए, लेकिन लगभग दो घंटे तक डीएम और राजजात समिति के प्रतिनिधियों के न पहुंचने पर असंतोष बढ़ गया। इसके बाद समिति के सदस्य सभागार से बाहर निकलकर डीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करने लगे।
आधिकारिक जानकारी
बड़ी जात आयोजन समिति के अध्यक्ष कर्नल (सेवानिवृत्त) हरेंद्र सिंह रावत ने कहा कि जिला प्रशासन के बुलावे पर वे लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे हैं, लेकिन बातचीत के लिए अधिकारी उपलब्ध नहीं हुए। उनका कहना था कि जब तक डीएम से सीधे बात नहीं होती, वे वापस नहीं जाएंगे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन व्यक्तिगत रूप से लोगों को बुलाकर बातचीत कर रहा है, जिससे समिति को विभाजित करने का प्रयास हो रहा है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
समिति से जुड़े लोगों का कहना है कि कुरुड सिद्धपीठ से जुड़े मामलों में प्रशासन को गंभीरता दिखानी चाहिए और सभी पक्षों से सामूहिक रूप से संवाद किया जाना चाहिए। उनका मानना है कि इससे अनावश्यक विवाद से बचा जा सकता है।
आगे क्या हुआ
दोपहर करीब डेढ़ बजे डीएम और एसपी कलेक्ट्रेट सभागार पहुंचे। इसके बाद बड़ी जात समिति से जुड़े लोगों ने अपनी-अपनी बात अधिकारियों के सामने रखी और मुद्दों पर चर्चा की गई।







