
ऋषिकेश: स्वर्गाश्रम जौंक क्षेत्र में बुधवार को वीवीआईपी कार्यक्रम के चलते जनजीवन पूरी तरह प्रभावित नजर आया। कड़े सुरक्षा इंतजामों, मार्गों की बंदी और आंतरिक रास्तों पर प्रतिबंध के कारण स्थानीय दुकानदारों, आश्रमों और श्रद्धालुओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। घाटों और प्रमुख स्थलों पर आवाजाही सीमित होने से पर्यटक भी असमंजस में दिखे। सुरक्षा कारणों से पूरे क्षेत्र में बैरिकेडिंग और निगरानी बढ़ाई गई, जिससे सामान्य गतिविधियां दिनभर बाधित रहीं।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
स्वर्गाश्रम ऋषिकेश का प्रमुख धार्मिक और पर्यटन क्षेत्र है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। वीवीआईपी कार्यक्रमों के दौरान यहां सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जाती है, जिसका सीधा असर स्थानीय कारोबार और आवागमन पर पड़ता है।
स्थानीय व्यवस्थाओं में बदलाव
कार्यक्रम के मद्देनजर स्वर्गाश्रम गंगा चौक से लक्ष्मीनारायण घाट, भारत साधु समाज, परमार्थ निकेतन, वानप्रस्थ और वेद निकेतन के आसपास आंतरिक मार्गों पर प्रतिबंध लगाए गए। सुरक्षा की दृष्टि से राजाजी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में स्थित चौरासी कुटिया को भी पर्यटकों के लिए बंद रखा गया। गंगा तट और हेलीपैड क्षेत्र के पास अतिरिक्त बैरिकेडिंग की गई, जिससे पैदल आवाजाही भी सीमित रही।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि दिनभर ग्राहकों की आवाजाही कम रही, जिससे बिक्री प्रभावित हुई। श्रद्धालुओं ने बताया कि घाटों और आश्रमों तक पहुंचने में बार-बार रोक-टोक का सामना करना पड़ा। कुछ पर्यटकों ने वैकल्पिक मार्ग न मिलने पर क्षेत्र से लौटना भी बेहतर समझा।
प्रशासन का पक्ष
पुलिस और प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और वीवीआईपी कार्यक्रम के दौरान यह व्यवस्था अस्थायी है। आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने कहा कि सुरक्षा के मद्देनजर चप्पे-चप्पे पर नजर रखी गई और कार्यक्रम समाप्त होने के बाद व्यवस्थाएं चरणबद्ध तरीके से सामान्य की जाएंगी।
आगे क्या होगा
कार्यक्रम समाप्त होते ही बैरिकेडिंग हटाने और मार्गों को सामान्य करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। प्रशासन ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से सहयोग की अपील की है, ताकि सुरक्षा के साथ-साथ क्षेत्र की सामान्य गतिविधियां भी जल्द बहाल हो सकें।






