
देहरादून: राजपुर रोड स्थित अजंता होटल के मालिक के घर हुई कथित लूट की घटना को चार दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ कोई ठोस सुराग नहीं लगा है। हैरानी की बात यह है कि पुलिस अब तक इस घटना को स्पष्ट रूप से लूट की वारदात मानने से भी बचती नजर आ रही है। इसी वजह से मुकदमा दर्ज करने में भी चार दिन की देरी हुई। घटना ने न सिर्फ इलाके की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
राजपुर रोड देहरादून का एक प्रमुख और अपेक्षाकृत सुरक्षित इलाका माना जाता है। ऐसे क्षेत्र में होटल कारोबारी के घर इस तरह की घटना सामने आना चिंता का विषय है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले भी चोरी और संदिग्ध घटनाएं सामने आई हैं, लेकिन कई मामलों में कार्रवाई की रफ्तार धीमी रहती है।
आधिकारिक जानकारी
पुलिस के अनुसार अजंता होटल के मालिक भुवन गांधी, निवासी डाकपट्टी राजपुर रोड, ने लूट की शिकायत दर्ज कराई है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि शिकायतकर्ता अब तक यह स्पष्ट नहीं कर पाए हैं कि उनके घर से कितनी नकदी और कितने गहने गायब हुए हैं। इसी कारण जांच की दिशा तय करने में दिक्कत आ रही है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि चार दिन तक मुकदमा दर्ज न होना अपने आप में गंभीर सवाल खड़े करता है। कुछ व्यापारियों ने बताया कि यदि पीड़ित खुद असमंजस में है, तो पुलिस को मौके से साक्ष्य जुटाकर तेजी से कार्रवाई करनी चाहिए थी।
आंकड़े और तथ्य
घटना के चार दिन बाद जाकर मुकदमा दर्ज किया गया है। अब तक चोरी गई नकदी और गहनों की सटीक जानकारी सामने नहीं आ पाई है।
आगे क्या होगा
पुलिस का कहना है कि शिकायतकर्ता से विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। आने वाले दिनों में जांच आगे बढ़ने और घटना की वास्तविक प्रकृति स्पष्ट होने की उम्मीद जताई जा रही है।







