
रामनगर: कॉर्बेट टाइगर रिजर्व से सटे रामनगर वन प्रभाग में बाघ के हमले से क्षेत्र में दहशत फैल गई है। नया बायपास पुल के पास बेला बीट क्षेत्र में देर शाम एक व्यक्ति पर बाघ ने हमला कर उसे सड़क से उठाकर जंगल के भीतर घसीट लिया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया, लेकिन अंधेरा अधिक होने के कारण रात में अभियान रोकना पड़ा। सुबह तड़के दोबारा चलाए गए सघन सर्च अभियान के दौरान जंगल के भीतर से व्यक्ति का अधखाया शव बरामद किया गया।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
कॉर्बेट लैंडस्केप और रामनगर वन प्रभाग के आसपास के इलाकों में हाल के दिनों में बाघों की गतिविधियां बढ़ी हैं। बीते एक महीने के भीतर बाघ के हमलों में चार लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। लगातार हो रही घटनाओं ने मानव–वन्यजीव संघर्ष को गंभीर चुनौती बना दिया है और स्थानीय आबादी में भय का माहौल है।
आधिकारिक जानकारी
रामनगर वन प्रभाग के एसडीओ अंकित बडोला ने बताया कि घटना देर शाम की है, जब बाघ व्यक्ति को सड़क से उठाकर जंगल के अंदर ले गया। रात में टीम ने सर्च अभियान चलाया, लेकिन सुरक्षा कारणों से अंधेरा बढ़ने पर अभियान रोकना पड़ा।
सुबह फायरिंग और बम-पटाखों के साथ पुनः सर्च किया गया। बाघ के पगचिह्नों का पीछा करते हुए लगभग दो किलोमीटर भीतर जंगल में अधखाया शव मिला। वन विभाग के अनुसार, शव के रूप में केवल सिर बरामद हुआ है, जबकि शेष अंग बाघ द्वारा खाए जाने की आशंका है।
शिनाख्त और जांच
एसडीओ के अनुसार फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो पाई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है और डीएनए सैंपलिंग कराई जाएगी, ताकि शिनाख्त सुनिश्चित की जा सके। मामले की जांच जारी है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
घटना के बाद आसपास के गांवों में भय का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाघ की बढ़ती आवाजाही से रोजमर्रा की गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से सुरक्षा उपाय और निगरानी बढ़ाने की मांग की है।
आगे क्या होगा
वन विभाग ने क्षेत्र में अतिरिक्त सतर्कता बढ़ा दी है और आसपास के गांवों में लोगों को जंगल की ओर न जाने की हिदायत दी गई है। बाघ की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए गश्त तेज की जा रही है। विभाग का कहना है कि मानव–वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।






