
हल्द्वानी: काशीपुर निवासी किसान सुखवंत सिंह के आत्महत्या मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) शनिवार को हल्द्वानी पहुंची। टीम ने उस होटल का निरीक्षण किया, जहां 10 जनवरी की रात सुखवंत सिंह ने आत्महत्या की थी। SIT ने होटल परिसर में मौजूद साक्ष्यों का बारीकी से अवलोकन किया और प्रारंभिक जानकारियां जुटाईं। जांच को निष्पक्ष और दबावमुक्त बनाए रखने के लिए मामले से जुड़ी FIR को काशीपुर के आईटीआई थाने से काठगोदाम थाने में ट्रांसफर कर दिया गया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस की भूमिका को लेकर उठे सवालों के बीच SIT की कार्रवाई को बेहद अहम माना जा रहा है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
10 जनवरी की रात नैनीताल जिले के गौलापार क्षेत्र स्थित एक होटल में काशीपुर निवासी किसान सुखवंत सिंह ने आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या से पहले उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी किया था, जिसमें जमीन खरीद के नाम पर करीब चार करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और पुलिस की ओर से कथित तौर पर मदद न मिलने के गंभीर आरोप लगाए गए थे। वीडियो सामने आने के बाद मामला राज्यभर में चर्चा का विषय बन गया।
आधिकारिक जानकारी
इस मामले की जांच कर रही SIT के प्रमुख नीलेश आनंद भरणे ने बताया कि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए काशीपुर के आईटीआई थाने में दर्ज FIR को अब काठगोदाम थाने में स्थानांतरित कर दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि उधम सिंह नगर पुलिस मृतक के परिजनों से किसी भी प्रकार का संपर्क नहीं करेगी। इसके साथ ही मृतक के घर पर पहले से तैनात उधम सिंह नगर पुलिस बल को हटाकर किसी अन्य जिले की पुलिस को सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, ताकि परिवार पर किसी तरह का दबाव न बने।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों और किसान संगठनों का कहना है कि यह मामला केवल आत्महत्या तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे जुड़े आरोप बेहद गंभीर हैं। लोगों का मानना है कि SIT की निष्पक्ष जांच से ही सच्चाई सामने आ सकेगी और दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
आगे क्या होगा
SIT की टीम रविवार को काशीपुर स्थित मृतक सुखवंत सिंह के घर जाकर परिजनों से मुलाकात करेगी और उनके बयान दर्ज करेगी। इसके अलावा, घटना से जुड़े वीडियो फुटेज में नजर आ रहे सभी पुलिसकर्मियों के बयान भी लिए जाएंगे। वीडियो से जुड़े हर पहलू की तकनीकी और कानूनी जांच की जाएगी।
इस मामले में पहले ही आईटीआई थाने के प्रभारी समेत दो पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जा चुका है, जबकि पौगा चौकी प्रभारी समेत दस पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर कुमाऊं से गढ़वाल रेंज में ट्रांसफर किया गया है।
सुखवंत सिंह के भाई की तहरीर पर 26 लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है, हालांकि इन सभी की गिरफ्तारी पर उत्तराखंड हाईकोर्ट ने फिलहाल रोक लगा रखी है। शासन स्तर से इस प्रकरण की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश भी दिए गए हैं, जिसकी जिम्मेदारी दीपक रावत को सौंपी गई है।







