
देहरादून: उत्तराखंड में शासन-प्रशासन को अधिक प्रभावी और चुस्त बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण प्रशासनिक फेरबदल किया है। इस आदेश के तहत कई वरिष्ठ आईएएस और पीसीएस अधिकारियों के विभागों में बदलाव किए गए हैं, जबकि आठ अधिकारियों को सचिव स्तर की नई और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। यह आदेश 17 जनवरी 2026 को जारी किया गया है और तत्काल प्रभाव से लागू माना जाएगा। सरकार का मानना है कि इस फेरबदल से प्रशासनिक कार्यप्रणाली में गति आएगी और विभागों के बीच समन्वय मजबूत होगा, जिससे जनहित से जुड़े निर्णयों के क्रियान्वयन में सुधार होगा।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
राज्य में लंबे समय से प्रशासनिक ढांचे की समीक्षा की जा रही थी। कई विभागों में लंबित कार्य, योजनाओं के क्रियान्वयन में देरी और बेहतर प्रशासनिक समन्वय की जरूरत महसूस की जा रही थी। इसी पृष्ठभूमि में यह फेरबदल किया गया है, ताकि अधिकारियों के अनुभव और दक्षता का अधिक प्रभावी उपयोग हो सके। इससे पहले भी राज्य सरकार समय-समय पर प्रशासनिक बदलाव करती रही है।
आधिकारिक जानकारी
उत्तराखंड शासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार, यह फेरबदल तत्काल प्रभाव से लागू होगा। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि संबंधित अधिकारी अपने वर्तमान पदभार से कार्यमुक्त होकर नई तैनाती स्थल पर तुरंत कार्यभार ग्रहण करेंगे। इसके साथ ही आठ अधिकारियों को सचिव स्तर की जिम्मेदारी दी गई है, जिससे शासन स्तर पर निर्णय प्रक्रिया को और सुदृढ़ किया जा सके।
हालांकि, विस्तृत कारणों और आगे की रणनीति को लेकर अधिकारी टिप्पणी करने से बचते दिखे।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों और प्रशासनिक मामलों पर नजर रखने वालों का कहना है कि इस तरह के फेरबदल से व्यवस्था में नई ऊर्जा आती है। कुछ लोगों का मानना है कि नए अधिकारियों की तैनाती से विकास कार्यों और जनसमस्याओं के निस्तारण में तेजी देखने को मिल सकती है।
आंकड़े / विवरण
इस प्रशासनिक फेरबदल में कई वरिष्ठ आईएएस और पीसीएस अधिकारियों के विभाग बदले गए हैं, जबकि कुल आठ अधिकारियों को सचिव स्तर की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। आदेश के अनुसार यह बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू होगा।
आगे क्या होगा
आगामी दिनों में सभी संबंधित अधिकारी अपनी नई जिम्मेदारियों का कार्यभार संभालेंगे। इसके बाद शासन स्तर पर विभिन्न विभागों की कार्यप्रगति की समीक्षा की जाएगी, ताकि यह आकलन किया जा सके कि इस फेरबदल का प्रशासनिक कार्यकुशलता पर क्या प्रभाव पड़ा।







